गुजरात का रामराज: दलित की स्टाइलिश मूंछों से नाराज सवर्णों ने की पिटाई, मामला दर्ज

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को पिछड़ी जाति का रहनुमा, दलितों का हितैषी कह लेंं, भेदभाव मिटाने की चाहे कितनी भी वकालत कर लें लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं पड़ रहा है। पीएम के अपने ही गृह राज्य में में दलितों का उत्पीड़न लगातार जारी है।

ताजा घटना गुजरात की राजधानी गांधीनगर से महज 15 किमी दूर काकोल तालुका में लिंबोदरा गांव की है। जहां एक दलित को सवर्णों ने इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने स्टाइलिश मूछें रखी हुईं थीं।

घटना बीते 25 सितंबर की है जब पीयूष अपने चचेरे भाई दिगांत महेरिया के साथ गरबा देख कर घर वापस आ रहे था। रास्ते में खड़े सवर्ण युवकों ने पीयूष की मूंछे देखकर ताने मारे, कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक गालियां भी दीं।

पीयूष ने बताया जहां से हम निकल रहे थे, ‘वहां बहुत अंधेरा था, हम उन्हें देख नहीं सकते थे। जहां से गालियों की आवाज आ रहीं थीं हम उस दिशा में गए। वहां दरबार समुदाय के तीन युवक थे। हमने झगड़े से बचने की कोशिश की और वहां से निकल आए, लेकिन तीनों झगड़े के ही मूड में थे, उन्होंने हमारा पीछा किया घर तक आ गए और दोबारा गालियां देने लगे।

पीयूष ने कहा, उन दंबग सवर्णों ने पहले दिगांत को पीटा फिर मुझे भी मारा। वो बार-बार पूछ रहे थे कि नीची जाति के होने के कारण में मैं मूछें कैसे रख सकता हूं।

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कालोल पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 और 114 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की पहचान मयूर सिंह वघेला, राहुल विक्रमसिंह और अजीत सिंह वघेला के रूप में हुई।

मामले की जांच एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है।

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