कांग्रेस ने PM से पूछा “81 साल का कवि देश के लिए खतरा कैसे” ? 2 साल से जेल में हैं वरवरा राव

नेशनल जनमत ब्यूरो, नई दिल्ली

दिल्ली चुनाव हारने के बाद अमित शाह ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि हमारे लिए जीत-हार से ज्यादा अपनी विचारधारा का प्रचार-प्रसार जरूरी है। इसी सोच के तहत राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की राजनैतिक इकाई भारतीय जनता पार्टी अपनी ‘कट्टर’ विचारधारा से इतर विचार रखने वालों को वर्दाश्त नहीं कर पाती।

2014 में केन्द्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही देश भर के लेखक, पत्रकार, विचारक, सामाजिक चिंतक और बुद्धीजीवी तबके को जेल में डालकर उनके विचारों को दबाकर अपनी विचारधारा को थोपने का असफल प्रयास जारी है। इस कुत्सित सोच का ही परिणाम है कि 81 साल के कवि वरवरा राव, प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बड़े, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कफील खान जैसे सैकड़ों लोग जेल में बंद हैं।

भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार हुए कवि वरवरा राव को तलोजा जेल में चक्कर आने के बाद मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। राव मुंबई के बाहरी इलाके की तलोजा जेल में बंद हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेसी सांसद अधीर रंजन चौधरी ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी रिहाई के मामले में पत्र लिखा।

भीमा कोरेगाव हिंसा में आरोपित कवि वरवरा राव दो साल से जेल में बंद हैं। उनके साथ इस मामले में 11 अन्य कैदी और हैं। राव पर आरोप है को वह प्रतिबंधित माओवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की रची जा रही साजिश में शामिल हैं।

वहीं वरवरा राव के समर्थन में आवाज उठाने वालों को तर्क है कि का कहना है कि राव, एक प्रसिद्ध तेलुगु बुद्धिजीवी, कवि, प्रोफेसर, और मौजूदा राजनीतिक सत्ता के आलोचक हैं जिसके कारण उन पर सरकार द्वारा जुल्म किया जा रहा है।

कवि वरवरा राव के परिजनों का दावा कि राव कुछ समय से अस्वस्थ हैं और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सेवा दी जाए। परिजनों ने  जेल प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया था.

इसके अलावा इतिहासकार रोमिला थापर, अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार और एनआईए को पत्र लिखकर भी अपील कि थी कि कवि वरवरा राव को जेल से जेजे अस्पताल में शिफ्ट किया जाए, जहां उन्हें उचित इलाज मिल सके।

इससे पहले, राव ने जमानत के लिए सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 81 वर्षीय राव ने कोर्ट को बताया कि उनकी तबीयत खराब हो रही है और उन्हें कोरोना संक्रमण का भी खतरा है।

राव के वकील आर सत्यनारायण अय्यर ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की थी । पहली में 26 जून को विशेष एनआईए अदालत द्वारा उनकी जमानत को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई और दूसरे में तलोजा जेल से मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देने की मांग की।

कांग्रेस ने PM मोदी को लिखा पत्र-

लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि 81 वर्ष की उम्र में राव ‘दुनिया के सबसे मजबूत देशों में एक के लिए खतरा नहीं हो सकते हैं.’

उन्होंने लिखा कि , ‘81 वर्ष का एक व्यक्ति वर्षों से जेल में बंद है और उसे अपने अपराध का भी पता नहीं है। अब वह मानसिक रूप से ठीक भी नहीं हैं और उन्हें चिकित्सीय सहायता भी नहीं दी जा रही है।’

‘आप कृपया इस मामले में हस्तक्षेप करें और उनका जीवन बचाएं, अन्यथा हमारी भावी पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी।’


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