गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की मौत के बाद राजपूतों और जाटों के बीच माहौल खराब करने की साजिश !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

इन दिनों राजस्थान में एक जातीय युद्ध के बीज बोए जा रहे  हैं। राजस्थान के राजपूत समुदाय से आने वाले कुछ लोग जाट समाज को गालियां दे रहे हैं. दरअसल पिछले दिनों राजस्थान के  नागौर जिले के रहने वाले नामी गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की राजस्थान में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. आनंदपाल सिंह की मौत की खबर सुनते ही राजस्थान में आनंदपाल समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं.

राजस्थान के पत्रकार जितेन्द्र महला बताते हैं कि कुछ खुरापाती लोग ठाकुरों को इस बात का गुस्सा दिला रहे हैं कि आनंदपाल का एनकाउंटर जाट समाज से आने वाले एसपी ने किया है.

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बस इसी बात पर राजस्थान के ठाकुर जाट जाति के खिलाफ अपना गुस्सा निकाल रहे हैं. सड़कों पर जाट जाति को सम्बोधित करके खुलेआम गालियां दी जा रही हैं. कहीं -कहीं पर जाट जाति के लोगों पर हमले की खबरें भी सुनने को मिल रही हैं। अब सवाल उठता है कि अगर किसी समुदाय के किसी गुंडे या बदमाश को किसी दूसरी जाति का पुलिस अधिकारी मार देता है तो क्या इससे वो पूरी जाति ही उस जाति की दुश्मन हो जाएगी ?

इस तरह की जातिवादी सोच देश को कहां ले जाएगाी , इसका अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं हैं।  प्रख्यात सामाजिक चिंतक ओम प्रकाश ज्यांणी राजस्थान में उपज रही जातीय हिंसा के माहौल को बताते हुए फेसबुक पर लिखते हैं कि ,

‘राजस्थान में पांच दिन पहले एक कुख्यात अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा जाता है और उसके बाद सभी राजपूत व उनके भाईचारे वाली सहयोगी जातियाँ ब्राह्मण, बणिया, चारण, राजपुरोहित,  उसके समर्थन में आंदोलन करते है सड़कों पर तांडव मचाते है तोड़फोड़ करते है आगजनी करते है वो इसलिए कि वो अपराधी राजपूत जाति का था।

आनंदपाल सिंह की फाइल फोटो

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हालांकि हम सामान्य किसान जाती के लोगों को इससे कोई लेना देना नही चाहे सरकार अपराधियो को गिरफ्तार करे या एनकाउंटर करे चाहे उस एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाए हमे उससे कोई लेना देना नही, लेकिन हमे गुसा तब आता है जब इस इनकाउंटर के लिए जाटों को मुजरिम बताकर सरेआम गालियां दी जा रही है ,जाटों के खिलाफ जहर उगला जा रहा है ।

पढ़िए जातिवादियों की पोस्ट- 

विधायक हनुमान बेनीवाल  (जो जाट जाति से हैं  और किसानों के हकों की लड़ाई लड़ते हैं ) को जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। आखिर ये लोग जाट समाज को क्यों टारगेट कर रहे है, अपने घर खेत मे बैठे जाटों ने इनका क्या बिगाड़ा है ।

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न तो जाट मुख्यमंत्री है, न जाट गृह मंत्री है ,न जाट डीजीपी है, न हनुमान बेनीवाल सरकार का हिस्सा हैं, फिर एक जाति को इस तरह टारगेट क्यों किया जा रहा है। तुम्हारी मांग सरकार से है, तुम चाहे सरकार के पुतले जलाओ, चाहे कुछ भी करो पर जाट समाज के खिलाफ जहर उगलकर राजस्थान में आग मत लगाओ।

क्योंकि जाट  भी आखिर एक स्वाभिमानी कौम है और ये कौम  बिना किसी जुर्म किये तुम्हारी गालियां कितने दिन सुनेंगे। तुम्हारी( ठाकुरों)  तो राजस्थान में सिर्फ 5% जनसंख्या है हम जाट तो अकेले ही 20% है। और जिस दिन हमारे युवा सड़क पर आ गए तुम्हारी गालियों का जवाब देने तब तुम कौनसे बिल में छुपोगे ?

इसलिए ठाकुर जाति के लोगों  से विनती है कि तुम्हारी मांग सरकार से है तुम चाहे सरकार के खिलाफ आंदोलन करो उससे अपनी मांग मनवाओ उससे हमे कोई आपत्ति नही हैं, पर हम अपने घर बैठे जाटों को गालियां मत दो इसी मे तुम्हारी भलाई है।

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1 Comment

  • Yuvraj singh , 16 July, 2017 @ 7:27 pm

    Hahaha kya artical tha shanti ki baat dhamki bhare andaaz me such to ye ha k rajputo k saamne rajasthan me koi si b kom aage nahi aayegi yahi galiya agar dusre samaz k ne di hoti to jaat kab k sadak pe aa jaate
    Mai maanta hu jo ho raha ha galat ha par dhami mt do such bolo saamne nahi aa sakte

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