एक महाराज की एक योगी को खुली चुनौती, गोरखपुर में बच्चों की मौत, मौत नहीं नरसंहार है

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों के मरने की संख्या बढ़ने के साथ ही सीएम आदित्यनाथ पर जुबानी हमले भी बढ़ते जा रहे हैं। विपक्षियों को छोड़ो अब तो अपने ही सीएम की नाकामी पर हमलावर होते जा रहे हैं।

अब तक मरने वालों की संख्या 63 हो चुकी है। ऐसे में उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत सिर्फ मौत नहीं बल्कि नरसंहार है।

साक्षी महाराज ने कहा कि मासूमों की मौत ऑक्सीजन सप्लाई न होने की वजह से हुई। उन्होंने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को पेमेंट न करने पर भी सवाल उठाए। साक्षी महाराज ने कहा कि बच्चों की मौत सामान्य नहीं मानी जाएगी। सरकार को दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त एक्शन लेना चाहिए।

वहीं यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह प्रेस कांफ्रेंस में बच्चों की मौत के लिए ऑक्सीजन को जिम्मेदार मानने से पल्ला झाड़ते नजर आए। पत्रकारों के जवाब देते हुए वे थोड़ा भी परेशान होने के बजाय मुस्कुराते और पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए नजर आए।

उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत के लिए सिर्फ गैस सप्लाई जिम्मेदार नहीं है। बच्चों की मौत का कारण अलग-अलग है। साथ ही उऩ्होंने कहा कि 11.30 से 1.30 बजे तक गैस पर्याप्त नहीं थी हालांकि इस बीच किसी बच्चे की मौत नहीं हुई। इसके अलावा मामले में कार्रवाई करते हुए बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल आरके मिश्रा को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है।

सिद्धार्थनाथ ने कहा, ‘यूपी की सरकार संवेदशनील सरकार है। गैस सप्लाई बाधित होने के कारणों की जांच की जा रही है। सरकार ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया गया है। रिपोर्ट के बाद हम और लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करेंगे।’

बच्चों की मौत पर बचपन बचाओ आंदोलन चलाने वाले नोबल पुरस्कार पाने वाले कैलाश सत्यार्थी ने कहा, ”ये हत्या है, नरसंहार है. क्या आजादी के 70 साल का मतलब बच्चों के लिए यही है.

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