इलाहाबाद: अधिवक्ता प्रशांत भूषण के समर्थन में उतरा रीढ़युक्त बौद्धिक समाज !

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो

सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशान्त भूषण को अवमानना का दोषी घोषित किये जाने के खिलाफ पूरे देश भर में रीढ़युक्त बौद्धिक तबके में उबाल है। देशभर में लोग संवैधानिक ढ़ंग से प्रशांत भूषण के समर्थन में विरोध दर्ज करा रहे हैँ।

इसी क्रम में इलाहाबाद के नागरिक समाज ने भी बालसन चौराहे पर एकत्रित होकर प्रशांत भूषण के समर्थन में जन विरोध सभा का आयोजन किया। इस दौरान “आलोचना अवमानना नहीं है” के नारे के साथ बौद्धिक तबके ने अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में वक्ताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि श्री भूषण द्वारा किए दोनों ट्विट एक सामान्य व्यक्ति द्वारा न्याय की उम्मीद में सर्वोच्च न्यायालय की चौखट पर दस्तक में मामले दर्ज करने के दौरान आ रही कठिनाईयों को रेखांकित करती हैं।

पहले ट्वीट में प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट में चल रही लाॅकडाउन प्रणाली की आलोचना करते हुए कहते हैं कि यह “नागरिकों की न्याय की खोज के मौलिक अधिकार” को बाधित करती है।

दूसरे ट्वीट में वो भारत में लोकतंत्र के विनाश का जिक्र करते हुए कहते हैं कि जब इतिहासकार इसका मूल्यांकन करेंगे तो वे “विशेष तौर पर इस विनाश में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका और इससे भी ज्यादा 4 मुख्य न्यायाधीशों की भूमिका को चिन्हित करेंगे”।

ये सब कुछ हमारी न्याय व्यवस्था के कामकाज का एक आलोचनात्मक मूल्यांकन है। यह चिन्हित की गयी कमियों में सुधार प्राप्त करने का प्रयास है। सच्चाई की खोज के लिए हमारा संवैधानिक ढांचा और सभ्य रवैया आलोचना और प्रति आलोचना को स्वीकार करता है और संस्थाओं को सुधारने में इस स्वस्थ प्रणाली को अपनाता है।

स्वस्थ आलोचना को दंडित करने का अर्थ है, विरोध का मुंह बंद कर देना और यह समाज के आगे बढ़ने व नागरिकों के कल्याण हित के विपरीत है।
नागरिक समाज का यह विरोध “आलोचना अवमानना नहीं है” के नारे तले हुआ ।

इस दौरान रिहाई मंच से राजीव यादव, हरिश्चंद्र द्विवेदी, नसीम अंसारी, आनन्द मालवीय, उमर ख़ालिद, अनवर आज़म, महताब आलम, गायत्री गांगुली, ऋचा सिंह, पद्मा सिंह, सारा अहमद सिद्दीकी, नीशू, चंद्रावती, अधिवक्तागण आशुतोष तिवारी, माता प्रसाद पाल, राजवेन्द्र सिंह, कुंअर नौशाद, साहब लाल निषाद, अखिल विकल्प, विकास स्वरूप , महाप्रसाद एवं डॉ.आशीष मित्तल, अमित, उमर, अनवर, सुनील मौर्य, गौरव गुलमोहर, भीम लाल, शैलेश पासवान, असरार नियाजी, आदि मौजूद थे। संचालन अविनाश मिश्र एवं आभार ज्ञापन नसीम अंसारी ने किया ।

5 Comments

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