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गोरखपुरः BRD मेडिकल कॉलेज में बच्चों की जान बचाकर हीरो बने डॉ. कफील ख़ान सहित 9 लोगों पर मुक़दमा दर्ज़

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त की रात ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दिए जाने के कारण 30 बच्चों की मौत हो जाने के बाद मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न आरोपों के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपने पैसे से ऑक्सीजन खरीद कर बच्चों की ज़िदगी बचाने की कोशिश करने वाले डॉक्टर कफील ख़ान को भी नहीं बख्शा गया है।

लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अभय प्रसाद ने गुरुवार को बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक के. के. गुप्ता की तहरीर पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर आर के मिश्रा, इंसेफेलाइटिस वार्ड के नोडल अफसर डॉक्टर कफील खान, मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्तिकर्ता कंपनी पुष्पा सेल्स समेत नौ लोगों के खिलाफ धारा 120 बी, 308 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सम्बन्धित धाराओं के तहत हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

मालूम हो कि पिछली 10 अगस्त की रात को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध हालात में कम से कम 30 मासूमों की मौत हो गयी थी।
यूपी को सीएम योगी आदित्यनाथ ने 12 अगस्त को चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। समित ने 20 अगस्त को सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी।

रिपोर्ट में BRD के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव मिश्रा, ऑक्सीजन प्रभारी, एनेस्थिसिया बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर सतीश तथा एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम बोर्ड के तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉक्टर कफील खान तथा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।

इसके अलावा समिति ने डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला, मेडिकल कॉलेज के लेखा विभाग के कर्मचारियों तथा चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की है।

वहीं मेडिकल कॉलेज में औषधि तथा रसायनों की आपूर्ति की पिछले तीन वर्षों की कैग से विशेष ऑडिट कराने, डॉक्टर कफील खान द्वारा गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष तथ्यों को छुपा कर शपथ पत्र दाखिल करने और इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमों के ख़िलाफ़ काम करने के लिए आपराधिक कार्रवाई किए जाने की सिफारिश भी की गई है।

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