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कांग्रेस: लिखित परीक्षा में दिग्गज हुए फेल, JNU में OBC आंदोलन का चेहरा रहे डॉ. अनूप पटेल बने प्रदेश प्रवक्ता

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मिल रही पराजयों से सीख लेकर अपने तेवर व कलेवर में बदलाव करने का निर्णय ले लिया है। शायद यही वजह है कि प्रदेश प्रवक्ताओं के चयन के लिए इस बार लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू भी हुए थे।

प्रवक्ता परीक्षा के घोषिट रिजल्ट में कांग्रेस ने अलग-अलग कैटेगरी में 22 प्रवक्ता बनाये हैं। पार्टी के अध्यक्ष राजबब्बर ने शनिवार को चयनित प्रवक्ताओ की लिस्ट घोषित की। इस परीक्षा में कई पुराने प्रवक्ता फेल हो गये। प्रवक्ता परीक्षा में भारतीय राजनीति के साथ मोदी सरकार पर भी सवाल पूछे गये थे।

वही कई युवा व शिक्षित नेताओं को प्रवक्ता बनाया गया है। मालूम रहे कि पहली बार पार्टी प्रवक्ता बनने के लिए लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू हुआ। कांग्रेस के बदलते तेवर का संकेत जो नाम है वो है डॉ. अनूप पटेल का।

जेएनयू में ओबीसी आंदोलन में सक्रिय रहे अनूप- 

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमफिल फिर पीएचडी करने वाले डॉ. अनूप पटेल बुंदेलखंड के बांदा जिले के एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। देश के प्रतिष्ठित जेएनयू में पढ़ाई के दौरान तमाम छात्र आंदोलनों व संगठनों में सक्रिय रहे।

ओबीसी छात्रों की समस्याओं के लिए आपने जेएनयू में ही ऑल इंडिया बैकवर्ड स्टूडेंट फोरम की स्थापना भी की। इसके साथ ही जेएनयू में मंडल कमीशन पर राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित कराया।

पिछड़ा वर्ग के मुद्दों के प्रति उनकी गंभीर समझ को देखते हुए कांग्रेस के प्रदेश संगठन सचिव तरुण पटेल ने कांग्रेस के साथ जोड़ा। इसके बाद कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश संयोजक राहुल सचान ने उन्हे पिछड़ा वर्ग विभाग में मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी  कुछ ही दिन पूर्व सौंपी थी।

बस इसके बाद डॉ. अनूप पटेल ने मुड़कर नहीं देखा। राजनीतिक मुद्दों के प्रति उनकी समझ व शैक्षणिक योग्यता से सांसद व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी जबरदस्त प्रभावित हुए।

इतना ही नहीं लखनऊ आए पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद ताम्रध्वज साहू के कार्यक्रम में भी डॉ. अनूप पटेल ने पार्टी के सामने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

इसके बाद साहू जी ने उनकी प्रतिभा को समझते हुए पिछले महीने दिल्ली में आयोजित की गए ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए उन्हे आयोजन समिति का सदस्य बनाया।

बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के एक साधारण कृषक परिवार में जन्मे अनूप पटेल बिना किसी सिफारिश के लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी के उत्तर प्रदेश में प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं।

युवाओं को वरीयता- 

राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस पार्टी में बदलाव के संकेत मिलने शुरू हो गए थे। जिसकी बड़ी बानगी पिछड़े समाज के बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राष्ट्रीय संगठव महासचिव बनाना था जिस पर जर्नादन द्विवेदी काफी सालों से काबिज थे।

अब प्रवक्ता पद के इंटरव्यू पार्टी से युवाओं को जोड़ने की कवायद के बतौर देखा जा रहा है। प्रवक्ताओं की सूची में कांग्रेस के बड़े नेता पीएल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया, सचिन रावत, अंशु अवस्थी, सैफ अली नकवी समेत कई युवा चेहरे हैं।

ये कांग्रेस प्रवक्ताओं की पूरी लिस्ट- 

कोऑर्डिनेटर- राजीव बक्शी

हिलाल नकवी- प्रवक्ता

ओंकारनाथ सिंह- प्रवक्ता

अशोक सिंह- प्रवक्ता

शुचि विश्वास- प्रवक्ता

ज़ीशान हैदर- प्रवक्ता

उमाशंकर पांडे- प्रवक्ता

सैफ अली नकवी- प्रवक्ता

अनूप पटेल- प्रवक्ता

अंशू अवस्थी- प्रवक्ता

मुकेश सिंह चौहान- प्रवक्ता

तनुज पुनिया- प्रवक्ता

विशाल राजपूत- प्रवक्ता

सचिन रावत- प्रवक्ता

मीडिया इनपुट डिवीजन

सुबोध श्रीवास्तव

अजित कुमार पांडे

मंजू दीक्षित

मंसूर अली

विशेष आमंत्रित सदस्य

वीरेंद्र मदान

अमरनाथ अग्रवाल

द्विजेन्द्र त्रिपाठी

सुरेंद्र राजपूत

कांग्रेस की लिस्ट में जिन लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य टीम में शामिल किया गया है। उन्हें न्यूज चैनल में डिबेट करने या फिर कोई बयान जारी करने के लिये प्रवक्ताओं की अनुमति लेनी होगी।

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