जानिए सीएम के विशेष सचिव बने IAS नीतीश कुमार को क्यों कहते हैं ‘लाइब्रेरी मैन’

लखनऊ। नीरज भाई पटेल (नेशनल जनमत) 

शांत स्वभाव के बेहद मिलनसार 2010 बैच आईएएस नीतीश कुमार मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ के विशेष सचिव होंगे. सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.

अभी नीतीश कुमार सहकारी समितियों के उप निबंधक के पद पर लखनऊ सहकारी भवन मुख्यालय में तैनात है. जानिए इनको क्यों लाइब्रेरी मैन के नाम से जानते हैं. नेशनल जनमत की खास पेशकश-

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स्कूलों के कायाकल्प के लिए जाने जाते हैं नीतीश कुमार- 

सीडीओ लखीमपुर खीरी रहते हुए नीतीश कुमार ने जिले के प्राथमिक स्कूलों का कायाकल्प कर दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने जिले की ग्राम पंचायतों में सरकारी लाइब्रेरी भी खुलवा दी थी. ताकि बच्चों को और गांव वालो को सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव स्तर पर भी उपलब्ध हो सके.

डीएम के रूप में श्रावस्ती को दिलाया था मोस्ट इम्प्रूव्ड डिस्ट्रिक का अवार्ड – 

अखिलेश सरकार  में श्रावस्ती के जिलाधिकारी के रूप में नीतीश कुमार के बेहतर काम की बदौलत श्रावस्ती को मोस्ट इम्प्रूव्ड यानि सबसे तेजी से विकास करने वाले जिले का खिताब हासिल हुआ था.

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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए खुद लगाते थे पाठशाला-

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे श्रावस्ती के जीजीआईसी भिनगा में खुद तो पढ़ाने पहुंचे ही थे. जिले के अन्य अधिकारियों को भी बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया. उनका कहना था कि हफ्ते में एक दिन समय निकालकर तो अधिकारी स्कूल के बच्चों को शिक्षित कर ही सकते हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में बालिकाओं के नामांकन में भी बढ़ोत्तरी करा दी थी.

न्याय पंचायतों पर खुलवा दिए थे ज्ञान केन्द्र- 

 श्रावस्ती में रहते हुए नीतीश कुमार ने प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था तो ठीक की थी. कई  विद्यालयों के भवनों को भी प्राइवेट स्कूलों की तरफ चमका दिया था. स्कूलों में टाइल्स लगवाकर, बच्चों के खेलने के लिए खिलौने भी उपलब्ध करवा दिए थे. ताकि बच्चे एक बेहतर माहौल में स्कूल जाने के ल्ए तैयार रहें.

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इसके अलावा न्याय पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर पंचायत भवनों या पुराने पड़े स्कूलों के भवनों की हालत सुधारकर उसमें पुस्तकालय और वाचनालय भी खुलवाए थे जिनको ज्ञान केन्द्र नाम दिया गया है. श्रावस्ती में राप्ती नदी की स्वच्छता और संवर्धन के लिए प्रयास किए गए.

 

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