You are here

JDU महासचिव अखिलेश कटियार का इस्तीफा, बोले BJP के साथ हो रही थी घुटन, अब पूरी तरह हार्दिक के साथ हूं

नई दिल्ली, नीरज भाई पटेल (नेशनल जनमत) 

बहुत ही कम समय में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी होकर पार्टी में शामिल होते ही राष्ट्रीय महासचिव बनने वाले अखिलेश कटियार ने जनता दल (यू) का साथ छोड़ दिया है। हार्दिक पटेल के आंदोलनों से नीतीश कुमार के सम्पर्क में आए अखिलेश कटियार जनवरी 2017 में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे।

नेशनल जनमत के संपादक होने के नाते जब मैंने (नीरज भाई पटेल) ने अखिलेश कटियार से इस्तीफे का कारण जानना चाहा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार को दिल से नेता मानता हूं, मैं मानता हूं कि नीतीश कुमार जैसे नेता आज के दौर में मिलना नामुमकिन है।

ना परिवारवाद का आरोप ना भ्रष्टाचार का ना जातिवाद का। अपने राज्य बिहार के विकास के लिए काम करने वाले राजनेता हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

इस पर मेरा अगला सवाल था कि तो फिर पार्टी क्यों छोड़ दी ? अखिलेश कटियार ने कहा कि जेडीयू का महासचिव बनने से पहले और उसके बाद भी मैं गुजरात के युवा किसान नेता हार्दिक पटेल के साथ देश के कई हिस्सों में गया हूं, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा की गई महारैलियों में मैंने किसानों का उत्पीड़न और गुस्सा महसूस किया है।

इसी बीच हमारे नेता नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के साथ बिहार में सरकार बनाने का फैसला कर लिया। ऐसे में मैं असहज स्थिति में आ गया था। मैं अर्जक संघ के संस्थापक महामना रामस्वरूप वर्मा के विचारों से राजनीति शूरू करने वाला व्यक्ति हूं, इसलिए पाखंड से परिपूर्ण बीजेपी के सहयोगी के रूप में रहना मेरे लिए आसान नहीं था।

अब इस्तीफा देकर महसूस कर रहा हूं कि मैंने जनता के दर्द और अपने मन की आवाज सुनी। उन्होंने आगे कहा पार्टी में रहते हुए भी मैं मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा किसानों को मारी गई गोली, गुजरात में बीजेपी सरकार द्वारा पाटीदारों, किसानों का किया गया उत्पीड़न व शोषण, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा किसानों से किए गए झूठे वायदे व महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन मैं भूल नहीं पा रहा था।

अब पानी सर से ऊपर गुजर रहा था। बढ़ते वक्त के साथ भारतीय जनता पार्टी के आरक्षण विरोधी रवैये को लेकर, दलितों-पिछड़ों-किसानों के बढ़ते उत्पीड़न को लेकर मैं घुटन महसूस कर रहा था इसलिए मैंने भारतीय जनता पार्टी से मुक्ति के लिए जेडीयू की अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना जरूरी समझा।

अब कौन सी पार्टी ? 

अखिलेश कटियार बोले फिलहाल कोई पार्टी ज्वाइन करने के बारे में नहीं सोचा है। हार्दिक पटेल के साथ किसानों के मुद्दे और आरक्षण विरोधी, किसान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए जनांदोलन में भागीदारी करूंगा।

गौरतलब है कि हार्दिक पटेल के करीबी व पादीदार अनामत आंदोलन के दौरान उनके संघर्षों के साथी बने अखिलेश कटियार इससे पहले उपेन्द्र कुशवाहा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी व उससे पहले महामना रामस्वरूप वर्मा व बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा द्वारा संस्थापित शोषित समाज दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं।

 

Related posts

Share
Share