लखनऊ: रामराज्य की भेंट चढ़ गया लोधी समाज का किसान, पुलिस पिटाई से मौत…

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो।

उत्तर प्रदेश के वंचित व कमेरे समाज के लोगों को मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ का रामराज्य रास नहीं आ रहा है। प्रदेश भर में वंचित तबके के लोगों पर अत्याचार, अपराध और अन्याय की तादात बढ़ती चली जा रही है।

हालिया मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे इटौंजा थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव का है। जहां पड़ोस के झगड़े में बीच बचाव कराने गए किसान गोविंद लोधी को थाने लाकर पुलिस ने इतना मारापीटा की अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

क्या है पूरी घटना-

गोविंद की पत्नी कमला देवी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि गांव में ही गुन्ने और संतोष के बीच मारपीट हो गई थी, जिसमें गोविंद ने बीच बचाव किया। थाने के तीन पुलिसकर्मी गोविंद से पूछताछ के बहाने उसे थाने ले गये। जहां इंस्पेक्टर नंद किशोर ने गोविंद के सीने पर ऐसा घुसा मार पिटाई कि उनके मुंह से खून आ गया।

इसके बाद गोविंद का 151 में चालान कर दिया। कोर्ट से गोविंद को छुड़ाने के बाद पत्नी ने डालीगंज पुल के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सीने व फेफड़े में आई गंभीर चोटों से शनिवार को इलाज के दौरान गोविंद की मौत हो गई।

इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग-

इटौंजा थाने के इंस्पेक्टर नंदकिशोर पर किसान गोविंद की पीट-पीटकर जान लेने का आरोप लगाते हुए पीड़ित किसान के परिवारीजनों ने लिंक रोड पर शव रखकर सीतापुर-लखनऊ हाइवे जाम कर दिया था।

किसान नेताओं और ग्रामीणों ने भी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर पीड़ित परिवार का साथ दिया। इंस्पेक्टर व इटौंजा पुलिस के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश इस कदर था कि पुलिस को डंडे लिए देख उन्होंने भी हाथों में डंडे उठा लिए, भला बुरा भी कहा।

बढ़ता आक्रोश देख सीओ और एसडीएम बीकेटी मौके पर पहुंचे। पीड़ित की पत्नी ने 10 लाख रुपये मुआवजे व तहरीर देकर इंस्पेक्टर समेत 4 आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई व मुआवजे के आश्वासन पीड़ित परिवार ने शव का अंतिम संस्कार किया।

उधर इंस्पेक्टर ने खुद पर व थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर लगाये गये पिटाई के आरोप को गलत बताया है।

पुलिस का रटा रटाया बयान है कि सीओ को जांच दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

नेतागण पहुंचे तो जरूर मगर…

गोविंद लोधी की मौत के मामले में परिजनों ने इंस्पेक्टर इटौंजा पर परिवार को धमकाने का आरोप लगाया। इसके बाद मृतक के घर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी व कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिसमें पूर्व मंत्री श्री आर. के.चौधरी, गौरव चौधरी, विशाल राजपूत, रफत फातिमा, मुरली मनोहर, रवीन्द्र लोधी शामिल थे।

समाजवादी पार्टी ने इस मामले में फिलहाल ट्विट से ही काम चला लिया है। बहनजी चीन समेत सभी मामलों में भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं हीं तो उनसे तो बोलने की उम्मीद भी नहीं है।

पीड़ित परिवार ने सभी नेताओं को अपना दुखड़ा सुनाया। इस पर विपक्ष ने सरकार से कार्रवाई की मांग की वहीं बीजेपी जिलाध्यक्ष ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन तो दिया लेकिन मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली में पिछड़ी जाति के जिलाध्यक्ष पिछड़ी जाति के पीड़ित परिवार को क्या इंसाफ दिला पाएंगे ये किसी से छुपा नहीं है।

घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। इसके मद्देनजर पीएसी बल तैनात किया गया है।

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