मुंबई: विचारों को गुंडई के दम पर दबाने की नाकाम कोशिश, बाबा साहेब अंबेडकर के घर पर तोड़फोड़

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

जन्मजात श्रेष्ठता से ग्रसित गिरोह को दलितों-पिछड़ों से नहीं बल्कि उनके अंबेडकरवादी होने से तकलीफ है। क्योंकि अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं जो जातिवाद में बंटे हुए शोषित, दलित-पिछड़े-आदिवासी व अल्पसंख्यक समुदाय को आत्नमसम्मान से जीना सिखा गए।

असली अंबेडकरवादी तो वही है जो जातिवाद के दलदल से ऊपर उठकर सम्पूर्ण वंचित तबके के लिए हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है। इसलिए घोर जातीय श्रेष्ठता वाले व्यक्ति के लिए अंबेडकरवाद एक बहुत बड़ा खतरा है।

चूंकि विचारों को तोड़ा नहीं जा सकता तो देश भर में बाबा साहेब की मूर्तियां तोड़कर ही अपनी जातीय घमंड को तुष्ट करते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला मुंबई स्थित उनके घर से सामने आया।

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के मुंबई स्थित घर पर मंगलवार को तोड़फोड़ की गई है। अज्ञात लोगों की ओर से की गई तोड़फोड़ में घर के बाहर परिसर में रखे गमलों को तोड़ा गया है। साथ में सीसीटीवी कैमरे को भी क्षतिग्रस्‍त किया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर मुंबई पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

समाचार एजेंसी एएनआई पर सामने आई घटना की फोटो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से घर के बाहरी हिस्‍से में गमलों को नुकसान पहुंचाया गया है. उन्‍हें तोड़ा भी गया है. इस घटना पर महाराष्‍ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने कहा, ‘मैंने पुलिस को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही जो भी आरोपी है उसे गिरफ्तार करने को भी कहा है.’

वहीं इस घटना की महाराष्‍ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने भी निंदा की है. उन्‍होंने ट्वीट करके कहा, ‘महामानव डॉक्‍टर बाबासाहेब आंबेडकर का आवास राजगृह हमारी पहचान है. इस तरह का हमला हमारी पहचान पर कायरतापूर्ण हमला है.’

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