You are here

4 राज्यों के CM को केजरीवाल से मिलने की इजाजत नहीं, ममता बोलीं संवैधानिक संकट जैसे हालात

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करके साम्राज्य विस्तार की नीति अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। गोवा के बाद कर्नाटक में संविधान को ताक पर रखकर उपराज्यपालों ने केन्द्र सरकार के प्रति अपनी निष्ठा साबित भी की।

अब देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के उपराज्यपाल पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने के आरोप लगा रहे हैं। 4 राज्यों के सीएम को उनसे ना मिलने देने के निर्णय के बाद इन आरोपों को और बल मिला।

4 मुख्यमंत्रियों ने मांगी थी मिलने की इजाजत-

दरअसल नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं. यहां आईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उप-राज्यपाल आवास पर धरने पर बैठे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने का प्लान तैयार किया था.

ममता बनर्जी के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने उप-राज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल से मिलने का समय मांगा था.

मालूम रहे कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री गोपाल राय और सत्येंद्र जैन विभिन्न मांगों को लेकर बीते सोमवार से एलजी आवास पर धरना देकर बैठे हैं. इनमें से मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन भूख हड़ताल पर हैं.

आवास पहुंचने के बाद भी मिलने की मनाही- 

समय मिलने की उम्मीद के साथ ही चारों मुख्यमंत्री उपराज्यपाल हाउस की तरफ भी रवाना हो गए थे, लेकिन वहां पहुंच कर इन नेताओं को पता चला कि उप-राज्यपाल ने उन्हें अरविंद केजरीवाल से मिलने की अनुमति नहीं दी.

अनुमति नहीं मिलने से ममता बनर्जी और अन्य नेता धरने पर बैठे नेताओं से बिना मिले ही वापस लौट गए. इसके बाद ये चारों नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और अरविंद केजरीवाल के परिवार से मुलाकात की.

अरविंद के परिवार से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि वह इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के समक्ष उठाएंगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर मिलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन एलजी हाउस की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया. यह सरासर गलत हैं.

अरिवंद केजरीवाल उपराज्यपाल के कार्यालय सह आवास ‘राजनिवास’ में पिछले छह दिनों से धरने पर हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने शनिवार को ट्वीट किया, “उपराज्यपाल ने मिलने की इजाजत नहीं दी.” राघव के ट्वीट को आगे बढ़ाते हुए केजरीवाल ने कहा कि ‘यह अत्यंत विचित्र होता जा रहा है.’

धरने पर बैठने की वजह- 

केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन व गोपाल राय सोमवार से ही राजनिवास में धरने पर हैं. इनकी मांग है कि उपराज्यपाल दिल्ली में प्रशासन चलाने वाले आईएएस अधिकारियों को अघोषित हड़ताल खत्म कर काम करने का निर्देश दें. इसके अलावा राशन की घर-घर डिलीवरी को भी अनुमति दी जाए.

राशन की घर-घर डिलीवरी की मांग को लेकर आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च भी किया और प्रतीक के तौर पर उनके घर पर राशन की डिलीवरी की.

उधर, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी अरविंद केजरीवाल को अपना समर्थन देने की घोषणा की. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘पार्टी मेरे लिए महत्व नहीं रखती लेकिन में अरविंद केजरीवाल जी की इस लड़ाई में साथ हूँ। लोकतंत्र को बचाने के लिए सब को एक होना होगा.’

मोदी सरकार द्वारा प्राइवेट लोगों को IAS बनाने की कोशिश सीधे तौर पर OBC/SC/ST आरक्षण पर हमला है

ब्लॉक प्रमुख पति के बाद अब अनुप्रिया पटेल के साथ ही अभद्रता, लोग बोले अब तो कुछ बोलिए मंत्री जी !

गजब UP ! CM के प्रमुख सचिव पर रिश्वत मांगने का आरोप, आरोप लगाने वाला ही गिरफ्तार, आरोप वापस

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस सूची ने साबित कर दिया कि RSS के लिए हिन्दु का मतलब सिर्फ ब्राह्मण है !

UPSC को भेजे गए प्रस्ताव में OBC/SC/ST के खिलाफ साजिश और ‘वफादार’ नौकरशाही तैयार करने की बू है

 

 

 

Related posts

Share
Share