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“आज के भारत की न्याय और अर्थव्यवस्था का मूल ढांचा सम्राट अशोक महान की देन है”

नई दिल्‍ली, नीरज भाई पटेल।

न्यायिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से मौर्य काल बहुमुखी प्रगति का युग था. इस काल में न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई बल्कि उद्योग, पशुपालन, व्यवसाय, खनिज उत्खनन एवं व्यापार में भी बहुत प्रगति हुई उक्त बातें पी.सी. मौर्य अतिरिक्त निदेशक, एस.एफ.आई.ओ, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने कहीं।

वह 8 अक्टूबर मंगलवार को सम्राट अशोक क्लब, शाखा दिल्ली-एनसीआर की ओर से अशोका मिशन, मेहरौली में आयोजित 2281वें धम्म विजय दिवस समारोह के दौरान मुख्य अतिथि की हैसियत से बोल रहे थे। इस दौरान श्री मौर्या ने मौर्य कालीन कर व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौर्य काल में भूमि पर कृषि के विकास को प्रोत्साहन दिया गया ताकि राजस्व में वृद्धि हो।

कार्यक्रम में “न्यायिक एवं अर्थिक व्यवस्था का राष्ट्र पर प्रभाव” विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समाजसेवी, विद्वान, शिक्षाविद, पत्रकार, लेखक जैसी 4000 से ज्यादा लोग शामिल हुए।

शुभारंभ भगवान बुद्ध के समक्ष दीप प्रज्वलन, ध्वजारोहण, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह की पूजा-अर्चना, त्रिसरण और पंचशील के पाठ से हुआ। इस दौरान सम्राट अशोक क्लब, शाखा दिल्ली-एन सी आर के अध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया।

सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता सच्चिदानन्द जी ने कहा कि भारतीय संविधान सम्राट अशोक महान के शिलालेखों पर आधारित है। जो लोग कहते है कि भारतीय संविधान विदेशों से लिया गया है वे गलतफहमी के शिकार है। आज के भारत की न्याय और अर्थव्यवस्था का मूल ढ़ाचा सम्राट अशोक महान की देन है किन्तु इसके सही क्रियान्वयन नही होने से आज भारत विश्व के पिछले पायदान पर खडा है। यदि भारत को पुनः विश्व का मुखिया बनाना है तो तथागत गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक महान के सिद्धान्तों को पूरी तरह लागू करके ही बन सकता है।

समारोह  में अशोका मिशन के अध्यक्ष वेन. लामा लोबसांग शत्रुघ्न सिंह शाक्य, आर.डी. कुशवाहा, अधिवक्ता अजय विक्रम सिंह, डा. अम्बिका ने न्यायिक एवं अर्थिक व्यवस्था पर अपने विचार रखे। मुम्बई से आईं अभिनेत्री रिया दिप्सी मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक महान दोनों ही राष्ट्र और व्यक्ति के जीवन का आधार है। प्रत्येक व्यक्ति को उनके प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए।

आई. टी. और वेबकास्टिंग टीम ने कार्यक्रम की वेबकास्टिंग यू-टयूब एवं फेसबुक पर किया, जिसके माध्यम से दूर बैठे लोगों ने भी कार्यक्रम का आनन्द लिया। समारोह का समापन कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर ध्वज गीत साथ हुआ।

 

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