अर्जक संघ

‘अर्जक संघ’ और ‘महामना रामस्वरूप वर्मा’ का चिंतन: रामजी यादव के नजरिए से

लखनऊ, रामजी यादव भारत का सबसे बड़ा सामाजिक समूह होने के नाते पिछड़ों के बीच तमाम मुद्दों पर रस्साकशी स्वाभाविक है और वह लगातार होती रहती है। सदियों से होती आई है। कहा जा सकता है कि पिछड़े समाजों के बीच क्रांति और प्रतिक्रांति का सिलसिला कभी कम नहीं हुआ। बेशक क्रांतिकारी हिस्से के मुक़ाबले […]

अंतिम सांस तक सामंतवाद की कब्र खोदते रहे बिहार लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा

लखनऊ। (नेशनल जनमत ब्यूरो) जिस लड़ाई की बुनियाद आज मै डाल रहा हूँ, वह लम्बी और कठिन होगी. चूंकि मै एक क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण कर रहा हूँ इसलिए इसमें आने-जाने वालों की कमी नहीं रहेगी परन्तु इसकी धारा रुकेगी नहीं. इसमें पहली पीढ़ी के लोग मारे जायेगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जायेगे तथा […]

सामाजिक न्याय के परिप्रेक्ष्य में महामना रामस्वरूप वर्मा का जीवन दर्शन और अर्जक संघ भाग-1

नई दिल्ली। अनूप पटेल (नेशनल जनमत ब्यूरो)  जिसमे समता की चाह नहीं, वह बढ़िया इंसान नहीं. समता बिनु समाज नहीं, बिनु समाज जनराज नहीं. ऊपर की दो पंक्तियों से बढ़कर भारतीय लोकतंत्र की व्याख्या नहीं हो सकती. लोकतंत्र के लिये प्रथम आवश्यक शर्त है- मनुष्य में समता का भाव. समता के बिना समाज नहीं बन […]

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