You are here

पढ़िए, कैसे पिछड़ों को मानसिक गुलाम बनाकर उनके अंदर से संघर्ष की ताकत खत्म कर दी जाती है !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  ओबीसी आरक्षण पर लगातार चोट हो रही है लेकिन पिछड़े खामोश हैं, रोजगार घट रहे हैं लेकिन पिछड़े खामोश हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन  पिछड़े खामोश हैं। खामोश होने की वजह सिर्फ एक पिछड़ों को अहसास ही नहीं है कि राष्ट्रवाद, पाकिस्तान, चीन, भारत माता, बंदेमातरम के शोर में उनकी आवाज दबा दी गई…

Read More
Share
Share