You are here

पिछड़े वर्ग के सामाजिक चिंतकों, लेखकों, कवियों और पत्रकारों का ‘महाजुटान’ गाजियाबाद में कल

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  पिछड़ा वर्ग की सरकारी परिभाषा यह है कि जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हो. इसके लिये आयोग ने कई मानक भी बनाए हैं। लेकिन उन सबसे पृथक अगर मजबूत और दमदार परिभाषा क बात करें पिछडे़पन की तो वह है- जो समाज जितना अधिक लेखन, साहित्य, बौद्धिक कार्यों में पीछे है वही पिछड़ा…

Read More
Share
Share