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भारत के सभ्य होने की राह में रोड़ा बन चुके अध्यात्म, अंधविश्वास, कर्मकांड का इलाज कैसे संभव है? (पार्ट-2)

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  जानेमाने शोधार्थी और समाज विज्ञानी संजय श्रमण जोठे ने पहले पार्ट में लिखा था कि भारत का अध्यात्म असल में एक पागलखाना है, एक खास तरह का आधुनिक षड्यंत्र है, जिसके सहारे पुराने शोषक धर्म और सामाजिक संरचना को नई ताकत और जिन्दगी दी जाती है. पहले पार्ट को पूरा पढ़ें- भारत के सभ्य होने की राह…

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