You are here

मौर्य काल से लेकर ब्राह्मणराज की स्थापना तक, शत्रु की हत्या के जश्न में दीप जलाने का रिवाज है ?

नई दिल्ली, मृत्युंजय प्रभाकर (नेशनल जनमत)  श्रमण संस्कृति का जो सबसे बड़ा और विकसित सम्प्रदाय था उसे हम आजीवक समुदाय के रूप में जानते हैं। बौद्धों और जैनों की तरह यह भी उस जमाने में एक बड़ा समुदाय था। चंद्रगुप्त मौर्य के समय में इसे बौद्धों और जैनों की तरह बराबर का महत्व प्राप्त था। हालांकि चंद्रगुप्त ने खुद जीवन…

Read More

दलित आक्रोश से घबराया संघ जुटा वोट मैनेजमैंट में, गुजरात चुनाव से पहले निकालेगा ‘दलित रथयात्रा’

नई दिल्ली/ गांधी नगर। नेशनल जनमत ब्यूरो। पूरे देश में ऊना कांड, रोहित बेमुला सांस्थानिक हत्याकांड और सहारनपुर जातीय संघर्ष से उपजे दलित आक्रोश को मैनेज करने के लिए संघ आगे आया है. खबर है कि गुजरात चुनाव तुरंत पहले भाजपा ने दलित वोटों को रिझाने के लिए ‘दलित रथयात्रा’ का कार्ड खेला है, ताकि दलित वोटों को बीजेपी के…

Read More
Share
Share