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लखनऊ में संविधान विरोधियोंं के खिलाफ ‘लक्ष्य’ ने साधा निशाना, देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो।  9 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर कुछ आरक्षण विरोधी जातिवादी संगठनों द्वारा देश का संविधान जलाने का प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहा। वजह सिर्फ इतनी है कि पूरे प्रकरण में दिल्ली पुलिस और केन्द्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। केन्द्र सरकार के अधीन आने वाली पुलिस पहले तो अपनी आंखों के सामने…

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समझिए इस कर्मकांडी देश में स्मार्ट सिटी का सपना क्यों कठिन है ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। स्मार्ट सिटी का सपना भारत मे क्यों कठिन है ये समझना होगा। इस मुद्दे को आप भारत के धर्म की नागर जीवन के प्रति दी गयी सलाह को समझे बिना नहीं समझ सकते। मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति, आपस्तंब धर्मसूत्र सहित अन्य धर्म शास्त्रों में नगरीय जीवन की निंदा की गई है। वर्तमान इस्लामिक (अरबी) और ईसाई…

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धर्म के नाम पर इज्जत लूटने वाले, हिंसकों को समझना चाहिए कि ये मनुस्मृति का नहीं, संविधान का दौर है

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।  पंचकूला की सीबीआई अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को 15 साल पुराने मामले में अपने ही डेरा के साध्वी के बलात्कार का दोषी करार दिया। अन्य घटनाओं से हटकर इस बार इनके भक्तों ने सन्नाटा नहीं बल्कि आतंक और दहशत को जन्म दिया है। धर्म भी अजीब चीज होती है। धर्म के ठेकेदार उससे भी…

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JNU में आज रात ‘मनुस्मृति दहन’ करके महामना रामस्वरूप वर्मा को याद करेंगे सामाजिक न्याय के साथी

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  अर्जक संघ के संस्थापक महामना रामस्वरूप वर्मा का मानना था कि सामाजिक चेतना से ही सामाजिक परिवर्तन होगा, सामाजिक परिवर्तन के बगैर राजनैतिक परिवर्तन सम्भव नहीं। अगर येन केन प्रकारेेण राजनैतिक परिवर्तन हो भी गया तो वह ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं होगा। रामस्वरूप वर्मा सामाजिक सुधार के पक्षधर नहीं थे, वे सामाजिक परिवर्तन…

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जस्टिस कर्णन की गिरफ्तारी के बाद छिड़ी बहस, देश क्या आज भी मनु की मनुस्मृति से चल रहा है !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। दलित समुदाय से आने वाले जज जस्टिस कर्णन की गिरफ्तारी ने देश में और सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है. सोशल मीडिया पर सक्रिय सामाजिक चिंतक इस बात पर एकमत दिखाई दे रहे हैं कि इस देश में ब्राह्मणवादियों नें संविधान में दिए गए समता, स्वतंत्रता, न्याय, वंधुत्व जैसे मानवीय…

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अमेजॉन द्वारा महिला को ‘प्रोडक्ट’ बनाने के बाद महिलाओं से तीखा सवाल करती एक कविता

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो अमेज़न इंडिया ने अपनी साइट पर एक प्रोडक्ट रिलीज़ किया है. प्रोडक्ट क्या रिलीज किया है, निहायत ही घटिया स्तर की मार्केटिंग तकनीकि का इस्तेमाल किया है. जिसे लेकर देश की महिलाओं में काफ़ी गुस्सा है और इस गुस्से को सोशल मीडिया पर निकाल भी रही हैं. बहरहाल अब महिलाओं की मांग है कि अमेजन…

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