मुज्जमिल अय्यूब

सिसकता हुआ गोरक्षनाथ पीठ कहता है कि मेरी दुआएं भी नहीं बचा सकीं मासूमों को….

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  अस्पताल के बिस्तर पर पड़े मासूम जनाज़े पूछते हैं, बताओ मेरी धड़कती हुई सांसों को किसने रोका है, किसने कसा है मेरी सांसों पर फंदा, के हम अभी मरना नहीं चाहते हैं.अरे अरे देखो मम्मी, नहीं आ रही है मेरे सीने में सांस, पापा तुम कहां ले जा रहे हो […]

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