रामजी यादव

‘अर्जक संघ’ और ‘महामना रामस्वरूप वर्मा’ का चिंतन: रामजी यादव के नजरिए से

लखनऊ, रामजी यादव भारत का सबसे बड़ा सामाजिक समूह होने के नाते पिछड़ों के बीच तमाम मुद्दों पर रस्साकशी स्वाभाविक है और वह लगातार होती रहती है। सदियों से होती आई है। कहा जा सकता है कि पिछड़े समाजों के बीच क्रांति और प्रतिक्रांति का सिलसिला कभी कम नहीं हुआ। बेशक क्रांतिकारी हिस्से के मुक़ाबले […]

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