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जुमलेबाजी: PM मोदी ने गोद लिए वाराणसी के 4 गांव, उनकी सांसद निधि से किसी भी गांव में 1 पैसा खर्च नहीं

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पूर्व हर भारतीय नागरिक के खाते में 15-15 लाख रूपये पहुंचाने की बात कही थी। लेकिन चुनावों के बाद एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि ये तो सिर्फ एक जुमला था जो चुनाव के समय उपयोग किया गया था।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए वायदों को विपक्ष और जागरूक जनता ने जुमलेबाजी नाम दे दिया। अब इसी जुमलेबाजी का एक नया नमूना सामने आया है। दरअसल केन्द्र की सत्ता में काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े जोर शोर के साथ अपने सांसदों को एक गांव गोद लेने के लिए कहा था।

सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत महिमामंडन के साथ शुरू की गई इस योजना में सासंद को गोद लिए गांव का अपनी निधि से विकास कार्य कराना था। अब प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा में भी जुमलेबाजी सामने आई है।

आरटीआई ने खोली पोल- 

दरअसल आरटीआई से ये खुलासा हुआ है कि मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चार गांव गोद लिए लेकिन उनके विकास के लिए अपने सांसद निधि से उन्होंने एक पैसा भी ख़र्च नहीं किया गया।

कन्नौज के छिबरामऊ निवासी अनुज वर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वार गोद लिए हुए गांवों के विकास में कितना पैसा उनकी निधि से खर्च किया गया है और गांव गोद लिए जाने की तिथि क्या है?

इसके जवाब में परियोजना निदेशक डीआरडीए ने बताया कि चारो गांवों में प्रधानमंत्री जी की सांसद निधि से कोई भी कार्य नहीं कराए गए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गांव जयापुर, नागेपुर, ककरहिया, डोमरी हैं।

इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. अनूप पटेल ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना को जुमला योजना करार देते हुए कहा कि विकास 4 वर्षों में कैसे जुमलेबाज बना, इसकी बानगी इस आरटीआई से देख सकते हैं।

विकास उर्फ मां गंगा का तथाकथित बेटा जिन 4 गांवों को गोद लिया था आज तक वहां कोई कार्य हुआ ही नहीं।

 

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