You are here

BJP शासित छत्तीसगढ़ में किसानों का उत्पीड़न, फसल का उचित मूल्य मांग रहे सैकड़ों किसान गिरफ्तार

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

बीजेपी शासित देशभर के रामराज्यों की हकीकत अब लोगों के सामने आती जा रही है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में दमनकारी तरीके से किसान आंदोलनों को कुचलने के बाद अब छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने अपनी फसल का उचित मूल्य मांग रहे सैकड़ों किसानों को गिरफ्तार कर लिया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों किसानों को गिरफ्तार करने से किसान आंदोलन में उबाल आ गया है। रमन सिंह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,100 रूपये प्रति कुन्तल किया जाए।

रायपुर जिले के प्रभारी पुलिस अधीक्षक अकबर राम ने बताया कि आंदोलन करने रायपुर पहुंचे 129 किसानों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया है।

अकबर राम के मुताबिक, किसान नेताओं को शहर के बूढ़ा तालाब के करीब धरनास्थल से तथा अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया गया आंदोलनकारी किसान मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले थे लेकिन इससे पहले ही इन्हें रोक लिया गया।

3 किसान नेता अरविंद नेताम, आनंद मिश्रा और लाखन सिंह को रिहा कर दिया गया है। अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई बाद में होगी। किसानों के आंदोलन को देखते हुए अशांति की आशंका में जिले में धारा 144 लागू की गयी थी।

सूत्रों के मुताबिक, दुर्ग के सभी जिला क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी गई है। दुर्ग क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा ने बताया कि किसान आंदोलन में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र के सभी जिलों में धारा 144 लागू की गयी थी।

राज्य के अन्य जिलों में भी आंदोलन में हिस्सा लेने रायपुर पहुंचने वाले किसानों को गिरफ्तार किए जाने की भी सूचना है। राज्य में किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान मजदूर महासंघ के नेताओं ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि किसानों को जेल में बंद कर राज्य सरकार ने अपना दमनकारी और जनता विरोधी चेहरा उजागर किया है।

महासंघ के सदस्य आलोक शुक्ला ने संवाददताओं से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2013 में चुनाव के दौरान वादा किया था कि वह किसानों को धान का 2,100 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य और तीन सौ रुपये बोनस देगी।

शुक्ला के मुताबिक, पिछले दो वर्षों से छत्तीसगढ़ का किसान सूखे सहित विभिन्न आपदाओं से घिरा रहा है। उन्होंने आगे कहा, छत्तीसगढ़ में भी किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

आलोक शुक्ला ने आगे कहा, राज्य सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनकारी रुख अपनाया है और तीन दिनों में सैकड़ों किसानों को गिरफ्तार कर किसानों की मांगों को कुचलने का काम किया है।

उपराष्ट्रपति बनकर भी दिल से नहीं गया BJP प्रेम, बोले दुर्गा रक्षा और लक्ष्मी वित्त मंत्री थीं

विकास-विकास चिल्लाने वाली BJP के मुंह पर जोरदार तमाचा है, सांसद दिवाकर रेड्डी का इस्तीफा

क्या RSS के बाद PM मोदी- अमित शाह ने भी भांप लिया जनाक्रोश, 2019 से पहले करा सकते हैं आम चुनाव

PM के पहुंचने से पहले, छेड़खानी के विरोध में छात्राओं ने BHU गेट किया बंद, छात्रा ने मुंडवाया सिर

आखिर 600 करोड़ में बिक गया रवीश वाला NDTV, BJP चुनाव प्रचार की कोर टीम में रहे अजय सिंह होंगे नये मालिक !

सुप्रीम कोर्ट सख्त : गाय के नाम पर हिंसा करने वालों पर करें सख्त कार्रवाई, पीड़ितों को दें मुआवजा

Related posts

Share
Share