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ये है 14 फर्जी बाबा: कोई शराब माफिया से बना महामंडलेश्वर, तो किसी के सेक्स रैकेट में 600 कॉल गर्ल

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने रविवार को इलाहाबाद में अपनी कार्यकारिणी की बैठक में देश के 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की थी। इस लिस्ट में शामिल सभी बाबा अपने अनोखे कारनामे और शान-ओ-शौकत के कारण चर्चा में रहे हैं। इन बाबाओं की अपनी एक अलग ही रहस्मयी दुनिया और अंधविश्वास की दुकान है। इन दुकानों की अर्जित संपत्ति करोड़ों में है।

हम आपको ऐसे ही बाबाओं की रहस्मयी दुनिया से वाकिफ कराने की कोशिश कर रहे हैं। जिन 14 बाबाओं को अखाड़ा परिषद ने फर्जी घोषित कर दिया है।

आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि समेत कुल 14 नाम शामिल हैं.

आइए जानें इन स्वयंभू बाबाओं का किन विवादों से है नाता?

आसाराम- 

आसाराम ने अपने धर्म की दुकान गुजरात के अहमदाबाद से शुरू की. धर्म का सहारा लेकर इन्होंने अरबों का साम्राज्य खड़ा किया है. साल 2013 से ये नाबालिग शिष्या से रेप के आरोप में जेल में बंद हैं. इनपर आरोप है कि ये आशीर्वाद देने के नाम पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और बलात्कार करते थे. नाबालिग शिष्या से रेप के आरोप में आसाराम जोधपुर जेल में बंद हैं.

नारायण साईं-

आसाराम का बेटा नारायण साईं भी खुद को महंत घोषित कर चुका है. नारायण साईं पर यौन शोषण और हत्या के आरोप हैं. ये भी लंबे समय तक जेल में रह चुका है. नारायाण साईं पर भी रेप के आरोप हैं.

ओम बाबा- 

एक न्यूज चैनल पर बहस के दौरान मारपीट करने और टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में अपनी बेहुदा हरकतों के चलते ओम बाबा सुर्खियों में आए. टाडा आर्म्स एक्ट केस के चलते ओमजी स्वामी पांच साल जेल में सजा काट चुके हैं. साल 1972 में उन्होंने साधु का रूप धारण किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली के मोतीबाग में कांग्रेस की सेक्रेटरी रहीं रानी प्रेमलता के यहां ही बाबा साधु बने. इनपर चोरी, ठगी जैसे आरोप हैं.

गुरमीत राम रहीम- 

सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम हाल ही में रेप के मामले में सजा पाया है. 15 अगस्त 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्मे राम रहीम 1990 में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बने. ये खुद को रॉकस्टार बाबा के रूप में प्रस्तुत करते रहे. इन्होंने फिल्मों में भी अभिनय किया है. साथ ही गुरमीत राम रहीम शिष्या से रेप के दोषी हैं. इसके अलावा पत्रकार और सेवादार की हत्या मामले में भी आरोपी हैं.

राधे मां- 

खुद को देवी बताने वाली सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां भक्तों की गोद में बैठने तक के पैसे लेती हैं. चार अप्रैल 1965 में पंजाब के जिले गुरुदासपुर के दोरंगला गांव में जन्मीं सुखविंदर कौर पति की खराब आर्थिक हालत के चलते मुंबई में दूसरे के घरों में काम करती थीं. महज 10वीं तक पढ़ी राधे मां की 17 साल उम्र में शादी हुई थी. कुछ साल पहले इन्होंने खुद को महंत घोषित कर दिया था. इनपर खुदकुशी के लिए उकसाने जैसे गंभीर मामले चल रहे हैं.

सच्चिदानंद गिरी:

नोएडा और गाजियाबाद में रियल एस्टेट के साथ बीयर बार-पब जैसे कारोबार से जुड़े रहने वाले सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद अचानक से बाबा बन गए. आरोप है कि ये अपने रसूख का इस्तेमाल करके धोखे से निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बन गए. इनके दीक्षा दिलाने के अवसर पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए थे, तत्कालीन सपा सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी उसमें शरीक हुए थे. बाद में इनको बर्खास्त कर दिया गया था।

निर्मल बाबा-

टीवी चैनलों पर निर्मल बाबा काफी लोकप्रिय हैं. ये ऊटपटांग उपाय बताकर लोगों की समस्याएं सुलझाते हैं. निर्मल बाबा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं और इनपर आय से अधिक संपत्ति समेत कई मामले दर्ज हैं. निर्मल बाबा कहते हैं कि उनकी संस्था के बैंक खाते में पैसे जमा कराने से दुख दूर होते हैं. बाबा के मन में जो आता है वो बताकर कृपा बरसाते हैं।

भीमानंद महाराज- इच्छाधारी

 

1988 में दिल्ली के नेहरु प्लेस स्थित एक फाइव स्टार होटल में गार्ड की नौकरी करने वाले भीमानंद अचानक से बाबा बन गए. 12 साल में भीमानंद ने करोड़ों की संपत्ति बना ली थी. वो खुद को इच्छाधारी बाबा बताता था लेकिन उसका सबसे बड़ा काम सेक्स रैकेट का था,मीडिया और पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक उसके संपर्क में 600 हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल थीं। भीमानंद पर पैसे ब्याज पर देने से लेकर सेक्स रैकेट चलाने तक कई गंभीर आरोप हैं।

भगवा चोला ओढ़कर और सांप गले में डालकर प्रवचन करने वाला भीमानांद अपने नाम के आगे इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद महाराज चित्रकूट वाले लगाता था। लेकिन इसका असली नाम राजीव रंजन दिवेदी था कुछ लोग शिवमूरत के नाम भी जानते थे। दिल्ली पुलिस ने इसके रैकेट का भांडाफोड किया था। सांप वाला ये बाबा रात में असली रूप में होता था।

असीमानंद- 

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले असीमानंद का असली नाम नब कुमार है. वे 1990 से 2007 के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी संस्था वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत प्रचारक प्रमुख रहे. इन्होंने शबरी माता का मंदिर बनाया और शबरी धाम स्थापित किया.

ये अजमेर दरगाह में 2007 में हुए विस्फोट मामले में आरोपी रहे. स्वामी असीमानंद को अजमेर, हैदराबाद और समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामलों में 19 नवंबर 2010 को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया था. असीमानंद पर बम धमाका करने के आरोप लगे हैं, हालांकि वे कई मामलों में बरी हो चुके हैं.

बृहस्पति गिरि- 

उत्तर प्रदेश में अलखनाथ ट्रस्ट के कई मंदिर हैं. बृहस्पति गिरि पर आरोप है कि इन्होंने जालसाजी से अलखनाथ ट्रस्ट के मंदिरों पर अधिकार हासिल करने की कोशिश की. इनपर अलखनाथ ट्रस्ट के पूर्व महंत धर्म गिरि की हत्या के आरोप लगते रहे हैं.

रामपाल-

स्वयं को भगवान बताने वाले रामपाल इन दिनों जेल में हैं. हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में पैदा हुए रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे. स्वामी रामदेवानंद महाराज के शिष्य बनने के बाद नौकरी छोड़ प्रवचन देना शुरू किया था. बाद के दिनों में कबीर पंथ को मानने लगे और अपने अनुयायी बनाने में जुट गए. रामपाल के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है. 2006 में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था.

साभाऱ: एनडीटीवी इंडिया

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