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नगर विकास मंत्री के जिले में EO अनिरुद्ध पटेल को पीटने वाले BJP नेता मनोज तिवारी की गिरफ्तारी नहीं

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल ( नेशनल जनमत) 

यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही भगवा खेमे से जुड़े विधायकों, सांसदों और यहां तक कि हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में सत्ता का नशा छा गया है। हैरत की बात ये है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने में बीजेपी के विधायक सांसद से लेकर कार्यकर्ता तक पीछे नही हैं। अब आलम ये है कि सत्ता पक्ष से जुड़े नेता और उनसे जुड़े कार्यकर्ता कानून व्यवस्था हाथ में लेकर अधिकारियों पर भी हाथ डालने से नहीं कतरा रहे हैं।

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मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की सदर तहसील में पड़ने वाली रोजा नगर पंचायत का है। यहां अधिशासी अधिकारी अनिरुद्ध पटेल को बीजेपी के कार्यकर्ता मनोज तिवारी, राजकुमार तिवारी और अन्य लोगों ने कार्यालय में घुसकर पीटा। अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की लेकिन सत्ता पक्ष के दवाब में घटना के तीन दिन बाद भी आरोपी मनोज तिवारी, राजकुमार तिवारी समेत अन्य साथियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही।

नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का जिला है शाहजहांपुर- 

नगर विकास और संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के ना सिर्फ जिले में बल्कि उन्ही की विधानसभा में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिरुद्ध पटेल को कार्यालय में घुसकर पीटा जाना,  फिर मुकदमा दर्ज करने के तीन दिन बाद भी छुटभैय्ये टाइप के बीजेपी कार्यकर्ता और उसके लफंगे साथियों की गिरफ्तारी ना होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ता है। जबकि अनिरुद्ध पटेल सुरेश खन्ना से इस मामले में गुहार लगा चुके हैं।

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राशन कार्ड सत्यापन के दौरान हमला- 

रोजा नगर पंचायत आफिस में शनिवार को राशनकार्ड का सत्यापन चल रहा था। कार्डधारकों की काफी भीड़ लगी थी। डेढ़ बजे अधिशासी अधिकारी अनिरूद्ध पटेल सत्यापन कार्य चेक करने पहुंचे। इसी दौरान राजकुमार तिवारी नाम का युवक आया। वह हड़बड़ी दिखा रहा था। ईओ ने राजकुमार से कार्ड लिया और पूछा जॉब तो नहीं करते हो तो राजकुमार ने कहा कि जॉब करते होंगे, तो क्या करोगे।

ईओ ने कहा कि जॉब करने वाले के कार्ड नहीं बनेंगे। अधिशासी अधिकारी का आरोप है कि इसी बात पर युवक अभद्रता करने लगा और धमकी देते हुए वक्त तो वहां से चला गया। लेकिन कुछ देर के बाद राजकुमार अपने भाई बीजेपी के कार्यकर्ता मनोज तिवारी व चार-पांच अन्य लोगों के साथ आया और ईओ पर हमला कर दिया। ईओ को उन लोगों ने मारापीटा और भाग गए।

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इसके बाद अधिशासी अधिकारी तुरंत थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि अधिशासी अधिकारी की ओर से राजकुमार तिवारी, मनोज तिवारी व कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट व सरकारी काम में बाधा डालने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

इस मामले में ईओ पुलिस अधीक्षक से लेकर जिलाधिकारी तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी मनोज तिवारी रोजा से बीजेपी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रहे एक बीजेपी नेता का करीबी है।

घर की महिला से आरोप लगवाया है ईओ पर- 

अनिरुद्ध पटेल का कहना है कि आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता मनोज तिवारी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए और मामले में समझौते का दवाब डालने के लिए अपनी घर की महिला से मुझ पर छेड़छाड़ का आरोप भी लगवाया है. लेकिन मामले में कोई तथ्य ना देख फिलहाल पुलिस ने उसकी तरफ से कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

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