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जानिए बेतुके फैसले नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए और कितनी मंहगाई लेकर आएगा GST

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

1 जुलाई के लिए अपने घर का बजट बनाकर तैयार कर लीजिए. कुछ चीजें मंहगी होने वाली हैं. मोदी सरकार लगातार ये दावा कर रही है कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद आम जनता को कई तरह के टैक्स देने से राहत मिलेगी। उन्हें सिर्फ एक टैक्स देना होगा। पर जीएसटी को लेकर मोदी सरकार लाख दावे करे कि इससे चीजें सस्ती होने जा रही पर हकीकत यही है कि जीएसटी से कुछ चीजें पहले की तुलना में औऱ भी मंहगीं होने जा रही हैं।

जीएसटी से पहले से ही भारी टैक्स की मार झेल रहे मध्यम वर्ग पर औऱ भी मार पड़ने की संभावना है। वैसे सरकार ने जीएसटी की बहाने सर्विस टैक्स को भी 2 फीसदी बढ़ाते हुए 18 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि जबसे मोदी सरकार बनी है तबसे सर्विस टैक्स 6 फीसदी तक बढ़ चुका है. सन् 2014 में मोदी सरकार के आने से पहले सर्विस टैक्स 12 फीसदी हुआ करता था। जो जीएसटी लागू होने के बाद बढ़कर 18 फीसदी हो गया है. इस हिसाब से मोदी सरकार अब तक सर्विस टैक्स में 33 फीसदी की भारी बढ़ोत्तरी कर चुकी है।

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जीएसटी में टैक्स रेट्स को चार भागों 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 28 प्रतिशत में विभाजित किया गया है। आइए जानते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद आपको किस चीज के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।

रेल यात्रा होगी महंगी

आपको बता दें कि जीएसटी के बाद रेल यात्रियों को एसी और फर्स्ट क्लास में सफर करने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। हालांकि नॉन एसी ट्रेन यात्रा को जीएसटी से बाहर रखा गया है। एसी और फर्स्ट क्लास पर टैक्स 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

इंश्योरेंस का प्रिमियम बढ़ेगा

बैंकिंग, इंश्योरेंस और रियल एस्टेट, म्यूचुअल फंड्स इन्वेस्टमेंट पर फिलहाल सर्विस टैक्स की दर 15 पर्सेंट है। जीएसटी लागू होने के बाद इसमें 3 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा और यह रेट 18 फीसदी हो जाएगा। मुख्य तौर पर तीन तरह के इंश्योरेंस होते हैं- टर्म इंश्योरेंस प्लान्स, Ulips और भविष्य निधि (मनी बैक समेत)। इन तीनों पर 15 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।

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क्रेडिट कार्ड और बैंक ट्राजैक्शन पर चार्ज बढ़ेगा

जीएसटी लागू होने के बाद क्रेडिट कार्ड का बिल और बैकिंग ट्रांजैक्शन पर लगने वाले सर्विस टैक्स भी महंगा हो जाएगा। वर्तमान में 15 प्रतिशत की दर से सर्विस टैक्स लगाया जाता है जो बढ़कर जीएसटी के तहत 18 प्रतिशत हो जाएगा।

मोबाइल फोन होंगे महंगे

मोबाइल फोन कुछ राज्यों में सस्ते होंगे और कुछ राज्यों के लिए महंगे। जीएसटी के तहत मोबाइल के लिए टैक्स रेट 12 फीसदी तय हुआ है। जिन राज्यों में वैट 14 फीसदी था वहां के लोगों के लिए मोबाइल फोन सस्ता होगा। लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल जैसे राज्यों में वैट 5 फीसदी है इसलिए वहां के लोगों को मोबाइल पर 12 फीसदी टैक्स देना होगा और वहां मोबाइल महंगे हो जाएंगे।

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मोबाइल बिल पेमेंट महंगा

मोबाइल बिल का पेमेंट महंगा होगा लेकिन इसमें भी आगे कमी हो सकती है. अभी 15 प्रतिशत लगता है। एक जुलाई से बिल भरेंगे तो 18 प्रतिशत बिलिंग अमाउंट पर टैक्स लगेगा। कई टेलिकॉम कंपनियों ने जीएसटी की दर को कम करने की मांग की है।

फाइव स्टार होटल में रहना महंगा

जीएसटी लागू होने के बाद फाइव स्टार होटल में रहना भी महंगा पड़ेगा। नए नियम के तहत 2,500 से 7500 रुपए के बीच वाले होटल रूम पर 18 प्रतिशत का टैक्स लगेगा। 7,500 और उससे ऊपर वाले रूम पर 28 प्रतिशत टैक्स लगेगा। वर्तमान में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री 18 से 25 प्रतिशत के बीच टैक्स लगाती हैं, जिसमें लग्जरी टैक्स और सर्विस टैक्स भी शामिल रहता है। उन होटल और लोज को जीएसटी से बाहर रखा गया है जो कि 1000 रुपए या उससे कम चार्ज करते हैं। इसी तरह 1000 से 2500 रुपए तक चार्ज पर 12 प्रतिशत का टैक्स लगेगा।

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रेस्टोरेंट में खाना होगा मंहगा

सरकार द्वारा सर्विस टैक्स को 18 फीसदी करने से रेस्टोरेंट में खाना खाना भी मंहगा होने वाला है. एयर कंडीशन रेस्टोरेंट में फूड बिल पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा जबकि नॉन एसी रेस्टोरेंट में 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। हालांकि रेस्टोरेंटों द्वारा एसी और नॉन एसी सीटिंग दोनों के लिए 18 प्रतिशत ही चार्ज करेंगी।

सैर सपाटा टूर पैकेज महंगा

जीएसटी के लागू होने पर सैर सपाटा महंगा होगा। GST में टूर एंड ट्रैवल पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा जो अभी 15 फीसदी लगता है। यानी टैक्स रेट 3 फीसदी बढ़ जाएगा। अगर पहले 10 हजार का टूर पैकेज था तो उस पर 1500 रुपये टैक्स लगता था अब बढ़कर ये 1800 रुपये हो जाएगा।

खेती-किसानी से जुड़े उपकरण- 

जीएसटी काउंसिल ने फर्टिलाइजर्स और ट्रैक्टर पर 12 फीसदी टैक्स लगाया है। इसके अलावा पेस्टीसाइड पर 18 फीसदी टैक्स लगाया है। पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किसान फसल को कीड़ों से बचाने के लिए करते हैं। सिंचाई के लिए प्रयोग होने वाले रबर और प्लास्टिक पाइप पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा।

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एक बीघे की खेती पर इतना पड़ेगा असर- 

मान लिजिए अगर किसान के पास एक बीघा जमीन है तो उसे लागत में 360 रुपये अतिरिक्त खर्चा पड़ेगा। अभी किसान को 680 रुपये का यूरिया पड़ता है जो जुलाई से 740 रुपये का हो जाएगा। वहीं डाई पर 1050 रुपये से बढ़कर 1320 रुपये देने होंगे। इसी तरह जिंक 250 से 270 रुपये और कीटनाशक 550 से 600 रुपये देने होंगे। इस हिसाब से देखा जाए तो हर एक बीघे पर 400 रुपये अतिरिक्त खर्चा आएगा।

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