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आगरा: योगीराज में BJP विधायक के साथ ही खेल, पहले पुलिसकर्मियों ने की अभद्रता, फिर डॉक्टरों ने छला

नई दिल्ली/आगरा। नेशनल जनमत ब्यूरो 

उत्तर प्रदेश के भ्रष्टाचार मुक्त दावे की हकीकत आगरा के बीजेपी विधायक इस वक्त खुद महसूस कर रहे हैं। भ्रष्टाचार का आलम ये है कि पहले पुलिस कर्मियों ने विधायक से अभ्रदता की। शिकायत होने पर पुलिस कर्मियों का मेडीकल हुआ अब उसमें भी खेल करके मेडीकल बदल दिया गया। विधायक जी अब मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कर रहे हैं।

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सत्ताधारी दल के विधायक के साख ऐसा सुलूक- 

इस समय ताजनगरी आगरा में इस बात की चर्चा चोरों पर है  कि जब जब इस तरह का खेल एक सत्त्ताधारी दल के विधायक के साथ खेला जा सकता है, तो आम नागरिक के साथ कैसा सलूक होता होगा। जरअसल खेरागढ़ से बीजेपी विधायक महेश गोयल से अभद्रता करने वाले सिपाहियों के मेडिकल में पुलिस ने खेल कर दिया है।

विधायक का कहना है कि मेरे साथ अभ्रदता करने वाले पुलिसकर्मी शराब पिए  हुए थे। मगर, चिकित्सकों से सांठगांठ कर मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं होने दी। अब वे मेडिकल रिपोर्ट की जांच कराने के बाद चिकित्सकों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विधायक जी की दुख भरी दास्तान- 

विधायक महेश गोयल रविवार रात साढ़े सात बजे तांतपुर से आगरा आ रहे थे। जगनेर चौराहे पर सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर किसी की समस्या सुनने लगे। तभी वहां पहुंचे यूपी 100 की पीआरवी पर तैनात सिपाहियों ने उनसे अभद्रता कर दी।

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विधायक का आरोप है कि सिपाही नशे में थे और उन्होंने परिचय देने के बाद भी अभद्रता की। जानकारी होने पर बीजेपी जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, सांसद चौधरी बाबूलाल और अन्य नेता मौके पर पहुंचे।

मौके से एसएसपी को फोन करके जानकारी दी गई। एसएसपी ने आरोपी सिपाही रामगोपाल, पवन कुमार और अरिरुद्ध सिंह को निलंबित कर दिया। इसके बाद जगनेर में ही शराब पीने के आरोप को लेकर स्वास्थ्य केंद्र में इनका मेडिकल कराया गया लेकिन रिपोर्ट में शराब पीने के पुष्टि नहीं हुई।

विधायक महेश गोयल का कहना है कि सिपाहियों के मुंह से शराब की स्मैल आ रही थी। इससे स्पष्ट था कि उन्होंने नशे की हालात में इस तरह की हरकत की है, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने सिपाहियों को बचाने के उद्देश्य से मेडिकल रिपोर्ट ही बदवा दी। विधायक ने आरोप लगाया कि सीएचसी जगनेर प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र मोहन की अनुपस्थिति में जिस डॉक्टर से मेडिकल कराया गया है उसने पुलिसकर्मियों का साथ दिया है। इसकी जांच कराई जाएगी।

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डॉक्टर को गुमराह कर बनवाई रिपोर्ट- 

भाजपा के मंडल अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपी पुलिस कर्मियों को बचाने के उद्देश्य से अपने मनमाफिक रिपोर्ट तैयार करवा ली। जब इस तरह का खेल एक सत्त्ताधारी दल के विधायक के साथ खेला जा सकता है, तो आम नागरिक के साथ कैसा सलूक होता होगा।

मेडिकल रिपोर्ट बदलने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

शराब के सेवन की जांच ब्लड सैंपल लेकर की जाती है, वो भी चौबीस घंटे के अंदर ले सकते हैं। सूत्रों की मानें तो स्थानीय पुलिसकर्मियों ने डाक्टर को गुमराह कर आपसी मारपीट का मामला बताकर मनमाफिक रिपोर्ट बनवा ली।

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