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नजरिया: अखाड़ा परिषद अदालत है क्या? उसे किसने अधिकार दिया, फर्जी बाबाओं की सूची जारी करने का ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने रविवार को इलाहाबाद में अपनी कार्यकारिणी की बैठक में देश के 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की थी। हालांकि लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं लोगों का कहना है कि अखाड़ा परिषद ने इन बाबाओं के नाम जारी करते-करते बहुत देर कर दी। जब अदालत से ही इन बाबाओं को सजा सुनाई जा चुकी है तो अब अखाड़ा परिषद इनके नाम सार्वजनिक करके क्या साबित करना चाहता है?

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने सूची जारी करते हुए कहा था कि, ‘काफी दिनों से फर्जी बाबाओं के द्वारा बलात्कार, शोषण और देश की भोली-भाली जनता को ठगने की खबरें आती रही हैं. कई बाबाओं के खिलाफ देश की अदालतें भी फैसला दे चुकी हैं.

ऐसे में हिंदू धर्म और संत समाज की बदनामी होती है. इसलिए परिषद ने ये फैसला लिया है कि वह स्वयं फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी कर दे, ताकि जनता उनसे सचेत रहें.’

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया- 

सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे एक संदेश में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए गए हैं। संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अकाड़ा परिषद जब खुद एक असंवैधानिक संस्था है तो वो कैसे तय कर सकती है कि फर्जी बाबा कौन है? अखाड़ा परिषद पहले खुद अपनी विश्वसनीयता तय करे।

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अखाड़ा परिषद स्वयं एक असंवैधानिक संस्था है, जो प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनो तरह से केवल और केवल ब्राह्मणवाद को बढ़ावा देने का काम करता है और फर्जी बाबाओं का अवतरण, पोषण, संरक्षण और संवर्धन करता है।

आजकल ज्यादातर चर्चित और कमाई करने वाले बाबा फर्जी, पाखंडी, फरेबी, नशेड़ी, गंजेडी, बहुरुपिए और नौटंकी बाज हो गए हैं जो असत्य, धार्मिक घृणा, आडम्बर, अन्धविश्वास, ढकोसला ,रूढ़िवादिता , धर्मांधता, अवैज्ञानिक सोच और ब्राह्मणवाद का प्रचार प्रसार करके आमजनों को मूर्ख बनाते हैं और लोगों के खून पसीने और मेहनत की कमाई ठग लेते हैं।

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विशेष कर महिलाओं को शिकार बनते हैं और उनका मानसिक, बौद्धिक और शारीरिक शोषण करते हैं। हमारे अधिकांश राजनेता इन बाबाओं के दरबार में नियमित रूप से हाजरी लगाते हैं और अपनी राजनीति के लिए इनका संरक्षण करते हैं, इनके समक्ष नतमस्तक होकर वोट रूपी आशीर्वाद लेते हैं।

जबतक हम और हमारा समाज अशिक्षित ,अज्ञानी, मूर्ख ,नासमझ, धर्मांध, और गरीब रहेंगे तबतक ऐसे बाबाओं का अवतरण होना, फलना फूलना जारी रहेगा ।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखें।
विज्ञान को जाने और माने।
स्वयं जागें और समाज को भी जगाएं।

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ये है फर्जी बाबाओं की लिस्ट- 

अखाड़ा परिषद ने 14 बाबाओं को फर्जी घोषित किया है जिनमें- आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, डेरा सच्चा सिरसा, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि समेत कुल 14 नाम शामिल हैं.

 

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