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अखिलेश राज से योगी राज में बढ़ा चार गुना अपराध, मीडिया बता रहा रामराज्य

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल

उत्तर प्रदेश को अपराधमुक्त प्रदेश बनाने और अखिलेश यादव के राज को यादवराज कहकर सत्ता में आई बीजेपी सरकार कानून व्यवस्था के मसले पर पूरी तरह से फेल नजर आ रही है. सत्ता संभालते ही प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने की घोषणा भले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़े ही रौब से की हो. लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि गऊ सेवा में फंसे योगी जी और उनके उनके रौब अपराधियों ने धूल चटा दी है.

अखिलेश का गुंडाराज / यादवराज- 12 डकैती, 117 लूट , 183 हत्याएं , 239 बलात्कार (15 मार्च 2016 से 15 मई 2016 तक)

योगी का रामराज/ठाकुरराज – 56 डकैती, 795 हत्याएं, 833 लूट, 771 बलात्कार (15 मार्च 2017 से 15 मई 2017 तक)

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हालात ये हैं कि मार्च से मई महीने में अखिलेश सरकार में हुई वारदातों से लगभग चार गुना ज्यादा अपराध योगी आदित्यनाथ की सरकार में हो चुके हैं. लेकिन मीडिया अभी भी योगीराज को जंगलराज बताने से बच रहा है.

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औरत की सम्मान की बात की थी 771 बलात्कार हुए दो महीने में हुए-

बीजेपी सरकार जो राज्य और केन्द्र में औरत के सम्मान को मुद्दा बना कर सत्ता में आई थी, ये हालात उनके शासन में? अब ये न कहियेगा कि सरकार को संभलने में वक्त लगता है. शासन को समझने में वक्त लगता है. केन्द्र में मोदी सरकार की तरह इस सरकार के पास भी वही ब्रह्मास्त्र है. पुरानी सरकारों पर इसका ठीकरा फोड़ देना.

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trong>याद है यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्रीजी का ये बयान – “आदतें कुछ खराब हो चुकी हैं, 12-15 वर्षों की आदतें आसानी से छूटने वाली नहीं है, वो छूटने में कुछ समय लग रहा है इसलिए कहीं न कहीं हरकतें दिखाने का प्रयास कर रही हैं।”!!

कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना का बेतुका बयान- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार शाम को पत्रकारों से बातचीत में एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपराधमुक्त समाज सुनिश्चित नहीं कर सकती और पुलिस को भी हर जगह तैनात नहीं किया जा सकता.

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