You are here

कॉमेडियन शशि शाक्य के मुंह से अपनी आवाज सुनकर अखिलेश यादव हो गए हैरान, मिलने के लिए बुला लिया

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो ।

कुमार शशि वर्धन उर्फ कॉमेडियन शशि शाक्य आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, सोशल मीडिया पर शशि को आज-कल ‘छोटे अखिलेश’ और ‘मिनी मुलायम’ नाम से पहचाना जा रहा है। सोशल वीडियो पर लाखों लोग उनके वीडियो देखते हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में शशि की मिमिक्री के वीडियो देखे तो किसी और के मुंह से अपनी आवाज सुनकर हैरान रह गए। अखिलेश, शशि की आवाज सुनकर मिलने के लिए इतने आतुर हो गए कि उन्होंने शशि को मिलने के लखनऊ अपने आवास पर बुला लिया।

शशि शाक्य ने पूर्व सीएम के सामने पहले मुलायम सिंह यादव की फिर खुद अखिलेश यादव की मिमिक्री की। अपने सामने ही अपनी आवाज सुनकर अखिलेश बहुत खुश हुए और बोले तुम मेरे साथ लंच करके ही जाओगे।

चैनल की लाइव डिबेट में छाए रहते हैं शशि शाक्य- 

राजनीति की बात एक तरफ, शशि की कला एक तरफ। शशि वर्धन की मिमिक्री के वीडियो के कायल सभी तरह की विचारधारा के लोग हैं। 11 मार्च को जब यूपी के चुनाव परिणाम घोषित हो रहे थे तब शशि वर्धन तमाम चैनलों पर लाइव डिबेट पर पूरे दिन छाए रहे।

इसके साथ ही एक चैनल की लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा भी शशि की आवाज सुनकर हैरान रह गए। संबित को कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ही उनके साथ लाइव डिबेट में जुड़ गए हों।

बाद में टीवी एंकर ने संबित को शशि वर्धन का परिचय दिया और शशि की मिमिक्री के बारे में बताया। शशि रेडियो के चहेते बऊआ बोल रिया हूं फेम आर.जे. रौनक के साथ भी काम कर चुके हैं।

यूपी के औरेया के रहने वाले है शशि- 

शशि वर्धन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली में रहते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक और प्रतिष्ठित भारतीय जंनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद फिलहाल एक निजी टीवी चैनल में पत्रकारिता कर रहे हैं।

पेशे से पत्रकार शशि वर्धन मिमिक्री का ऐसा हुनर रखते हैं जिससे सोशल मीडिया पर आज शशि को लाखों लोग देख रहे हैं। शशि का ‘स्टूपिड कॉमेडियन’ नाम से अपना अपना यू-ट्यूब चैनल भी है। जिसपर शशि वर्धन की मिमिक्री के वीडियो देखे जा सकते हैं।

UPPSC के गेट पर ‘यादव आयोग’ लिखने वालों के राज में APO पद पर 40 फीसदी ब्राह्मणों का चयन

ये कैसी राष्ट्रभक्ति? बाढ़ पीड़ितों के बीच एक्सपायरी डेट का सामान बंटवाकर विवाद में फंसे बाबा रामदेव

JNU छात्र संघ: जय श्रीराम-लाल सलाम के लिए मुसीबत बनता जा रहा है दलितों-पिछड़ों का संगठन बापसा

JNU का भगवाकरण करने की रणनीति फेल, ABVP चारों खाने चित, अध्यक्ष समेत सभी पदों पर लाल सलाम

ब्राह्मण वैज्ञानिक ने लगाया कुक निर्मला यादव पर भगवान को अपवित्र करने का आरोप, दर्ज कराया केस

भगवाराज: UP की बेसिक शिक्षा मंत्री का फरमान, रविवार को भी स्कूल खोलकर मनाएं PM मोदी का जन्मदिन

Related posts

Share
Share