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योगी का रामराज: सोशल मीडिया पर विचारों से डरी भगवा सरकार ने, एक दलित शिक्षक को किया निलंबित

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

केन्द्र समेत सभी राज्यों की भगवा सरकारें अपने ही बुने जाल में फंसती नजर आ रही हैं। पूरे देश की बीजेपी सरकारें सोशल मीडिया को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करके सत्ता में आईं हैं। आज यही सोशल मीडिया उनको अपना सबसे बड़ा दुश्मन दिखने लगा है क्योंकि यहां कोई भी बात छुपाए नहीं छुपती। उ.प्र. सरकार ने सोशल मीडिया की इसी ताकत से डरकर एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक प्राइमरी स्कूल के अध्यापक को अपने विचार सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति करना मंहगा पड़ गया है। विचारों से डरी योगी सरकार ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। शिक्षक का दोष बस इतना है कि उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, क्या जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है, क्योंकि वहां पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू नहीं किया गया है।

मामला अलीगढ़ जिले के अलीपुर इलाके के बिजौली ब्लॉक का है। यहां दलित शिक्षक धर्मेंद्र कुमार पढ़ाते हैं। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है क्योंकि वहां पर जीएसटी लागू नहीं है। इतना ही नहीं शिक्षक धर्मेंद्र के निलंबन के पीछे ये भी कारण बताया गया है कि उन्होंने खेल भावना का परिचय देते हुए पाकिस्तान क्रिकेट टीम को जीत की बधाई दी थी।

उनकी इस पोस्ट को देश विरोधी और सरकार के खिलाफ माना गया जिसके बाद उन्हें राज्य शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। शिक्षा विभाग में भेजे गए धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायती पत्र में उनकी फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी दिए गए हैं।

एफआईआर दर्ज करने की तैयारी- 

अलीगढ़ बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेन्द्र सिंह यादव के मुताबिक, शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की दूसरी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का फैसला लिया जाएगा।

ऐसा कहा जा रहा है कि दलित शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ ये कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री संदीप सिंह के निर्देश पर की गई है। मंत्री को इस घटना की जानकारी दूसरे स्कूल के शिक्षक ने दी थी। जांच करने के बाद शिक्षा मंत्री ने धर्मेंद्र कुमार को बर्खास्त करने का निर्देश दिया।

वहीं बेसिक शिक्षा अतिरिक्त निदेशक गिरिजेश चौधरी का कहना है कि धर्मेंद्र कुमार के मामले में उन्हें शिक्षा मंत्री के कार्यालय से एक पत्र करीब हफ्ते भर पहले मिला था।

धर्मेन्द्र बोले मैंने कुछ भी गलत नहीं किया-

अपनी सफाई में अध्यापक धर्मेंद्र ने कहा, वह खुद एक क्रिकेटर हैं और पाकिस्तान को चैंपियन्स ट्रॉफी में जीत की बधाई देने में उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैंने देश के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है।

धर्मेंद्र ने आगे कहा, जहां तक जम्मू कश्मीर पर मेरी पोस्ट का सवाल है तो उसमें मैंने बस यह कहा है कि, वहां के लोगों से जीएसटी क्यों नहीं वसूला जाता है?

आपको बता दें भारतीय संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मौलिक अधिकार माना गया है। जिसके तहत हर व्यक्त अपनी बात कहने का हक रखता है। भारतीय संविधान में आर्टिकल 19 ए में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में बताया गया है।

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