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PM साहब: बेतुके फैसले नोटबंदी से ना भ्रष्टाचार रुका, ना काला धन बाहर आया और ना ही आतंकी बर्बाद हुए

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

पीएम मोदी ने नोटबंदी लागू करते समय इस फैसले को इस तरह से पेश किया था मानो देश भर की हर समस्या का समाधान नोटबंदी ही है। पीएम मोदी ने नोटबंदी को महिमामंडित करते हुए कहा था कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होगा, कालाधन निककर बाहर आ जाएगा और आतंकवादी बर्बाद हो जाएंगे। कल हुए आतंकवादी हमले के बाद इस पूरे महिमामंडन पर सवाल उठने लगे हैं।

7 अमरनाथ यात्रियों की आतंकी हमले में हुई मौत के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पीएम मोदी के फैसले को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पीएम साहब आखिर नोटबंदी के फैसले से सिवाए मजदूरों के बर्बाद होने के और क्या बदलाव आया है। फेसबुक पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. रमेश यादव ने लिखा कि स्पष्ट है कि नोटबंदी से आतंकियों को कोई फर्क नहीं पड़ा है।  पीएम मोदी के साथ-साथ देश की गोदी मीडिया ने इस मामले में देश वासियों को गुमराह किया है।

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कानपुर से अमित कटियार लिखते हैं कि नोटबंदी को ऐसे महिमामंडित किया गया था मानो देश की हर समस्या का समाधान यही है. नोटबंदी के दौरान इलाज के अभाव में जिनकी जान गई. नोटबंदी से जिनकी नौकरी गई, नोटबंदी से जो व्यापारी बर्बाद हुए वो आज सवाल कर रहे हैं पीएम साहब नोटबंदी की ही क्यो गई थी।

आपको बता दें कि नोटबंदी के दौर में गोदी मीडिया ने देशवासियों को बताया था कि नोटबंदी से आतंकवाद को पालने- पोसने वालों की कमर टूट गई है। इसी तरह कई अखबारों ने ये भी दावा किया था कि नोटबंदी से कश्मीर में सेना के ऊपर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाएं भी रुक जाएंगी पर हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ। कश्मीर में सेना के ऊपर पत्थरबाजी आज भी पहले की ही तरह जारी है।

16 नवम्बर 2016 को समाचार एजेंसी भाषा के हवाले से छपी खबर के मुताबिक, नोटबंदी के फैसले का जोरदार ढंग से बचाव करते हुए भाजपा ने कहा था कि यह कदम राष्ट्रीय हित में उठाया गया है तथा इससे देश में भ्रष्टाचार, कालाधन एवं आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगेगी और दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।

पीयूष गोयल ने संसद में किया था नोटबंदी का महिमामंडन-

भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नोटबंदी के बारे में विपक्ष के प्रस्ताव पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि भ्रष्टाचार, काला धन और आतंकवाद पर लगाम कसने के उद्देश्य से 500 रूपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने के मोदी सरकार के फैसले का देश ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा था ‘‘लेकिन कुछ लोगों का इस बारे में चिंतित होना स्वाभाविक भी है।’’

‘‘इस फैसले से देश में ईमानदारी का सम्मान हुआ है और बेईमान का नुकसान हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि इस कदम की वजह से कुछ परेशानी तो होनी ही थी लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस कदम का समर्थन किया है।

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उन्होंने कहा ‘‘लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो इस कदम से खुश नहीं हैं। यह भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और राजनीतिक दलों को इस पर खुश होना चाहिए।’’

पर नोटबंदी के बाद जनता को हुई परेशानियों से साफ है कि इससे देश को काफी नुकसान हुआ । नोटबंदी के चलते जिन लोगों के कमर टूटने की बात की जा रही थी वो लोग आज अमरनाथ में आकर  तीर्थयात्रियों को मार रहे हैं। नोटबंदी से जिन लोगों की जिंदगीं में सुधार आने का दावा किया जा रहा था वो लोग बेरोजगार होकर बर्बाद हो गए हैं.

नोटबंदी पर आए आर्थिक सर्वेक्षणों ने भी साफ कर दिया कि नोटबंदी की सनक के चलते देश में लाखों लोगों की नौकरियां चली गईं। नोटबंदी से आतंकियों को नुकसान होने की बातें सिर्फ देश के लोगों को गुमराह करने के लिए नेताओं ने मीडिया के द्वारा फैलाई थी।

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