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जिस ट्रंप के समर्थन में हवन पूजन करते रहे मोदी भक्त, उसी के समर्थकों ने CEO रवीन गांधी को कहा PIG GO BACK INDIA

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

पीएम मोदी के भारतीय भक्तों के चहेते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने एक भारतीय सीईओ को पिग कहते हुए भारत वापस जाने की धमकी दी है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के समय भगवाधारियों को ट्रंप को पीएम मोदी का दोस्त और यहां तक कि अनुयायी बताते हुए जंतर-मंतर से लेकर देश में कई जगह हवन पूजन भी किए थे।

खबर के अनुसार भारतीय सीईओ रवीन गांधी को एक आर्टिकल लिखने के कारण नस्लीय हमले का शिकार होना पड़ा है। दरअसल इस सीईओ ने चार्ल्सट्सविल में हिंसा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आर्थिक एजेंडे का बचाव न करके उसकी आलोचना कर दी थी। जिसके चलते ट्रंप समर्थकों का गुस्सा फूट गया।

हिंदुस्तान टाइम्स कि ख़बर के मुताबिक भारतीय मूल के सीईओ रवीन गांधी के इमेल और ट्विटर पर नस्लीय हमलों की बाढ़ आ गई।रवीन गांधी ने यूट्यूब पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें रवीन गांधी को नस्लीय टिप्पणी के साथ-साथ भारत में वापस लौट जाने को कहा गया है।

इस वीडियो में अमेरिकी मूल की एक महिला रवीन गांधी को “You’re a f****** Indian pig. भी कहती सुनाई दे रही है। भारतीय मूल के रवीन गांधी ‘जीएमएम नॉन्सिटक कॉटिंग्स’ कंपनी के संस्थापक और सीईओ हैं।

ऑडियो में महिला ने ये कहा कि भारतीय मूल की अमेरिकी नीकी हेली जो कि यूएन में अमेरिकी राजदूत है, वो “Bangladesh creep” है. महिला ने यह भी कहा कि वह लोग बुद्ध की प्रतिमाओं को नीचे गिराना शुरू कर देंगे. इस ऑडियो में 7000 से ज्यादा बार सुना गया, महिला के हमले का जवाब देते हुए एक यूजर कहता है कि भारत एक बौद्ध बहुसंख्यक देश नहीं रहा है।

उसने यह भी कहा कि ये नस्लवादी लोग इतने अज्ञानी क्यों हैं ” वहीं डोनाल्ड ट्रंप के कथित समर्थक भारतीयय सीईओ से कह रहे हैं कि ‘अपना कचरा उठाओ और भारत वापस लौट जाओ, अपने कचरे को वहां जाकर बेचो’।

शिकागो ट्रिब्यून ने जब रवीन गांधी से जानना चाहा कि उन्होंने ऑडियो ऑनलाइन क्यों पोस्ट किया तो रवीन का जवाब था “भले ही मेरी नस्ल का मेरी रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई असर नहीं होता है, लेकिन दुख की बात यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में नस्लवादियों का एक समूह है जो मुझे एक दोयम दर्जे के आदमी के रूप में देखता है।”

गांधी ने चार्ल्सट्सविल में हुई हिंसा और उसके प्रभावों को देखते हुए कहा था कि “मैं बाजार के 50 हजार तक पहुंचने और बेजरोजगारी का स्तर 1 प्रतिशत तक आ जाने के साथ ही जीडीपी के 7 प्रतिशत हो जाने पर भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन नहीं करूंगा. कुछ मुद्दे अर्थव्यवस्था से भी बढ़कर होते है और मैं अपनी अंतर्रात्मा की आवाज पर ऐसे व्यक्ति का समर्थन नहीं कर सकता हूं जो ऐसे अमेरिकियों से नफरत करता हो जो उसके जैसे (श्वेत) नहीं दिखते हों.”

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