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योगीराज: बीजेपी विधायक की गुंडई,अनूप पटेल की बीम तुड़वाई फिर जेल भेजने की धमकी भी दी

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

सत्ता किसी भी हो पार्टी कोई भी हो, सभी बड़े-बड़े वायदे करके सत्ता में आते हैं और फिर सत्ता में आते ही शुरू हो जाता है सत्ता के दुरुपयोग का खेल. सत्ता का नशा ही कुछ ऐसा होता है जिसमें सही-गलत, न्याय-अन्याय के बीच का फर्क मिट जाता है. अखिलेश राज को गुंडई बताने वाले भाजपाईयों ने भी अब सत्ता की हनक का नंगानाच शुरू कर दिया है.

मामला बांदा जिले की बबेरू विधानसभा का है. बीजेपी विधायक हैं चन्द्रपाल कुशवाहा. विधायक जी पर सत्ता का नशा इस कदर सवार है कि जेएनयू के एक्टीविस्ट और वर्तमान में लखनऊ के निजी वि.वि. में प्रवक्ता अनूप पटेल को उनके अपने ही प्लॉट की बीम तुड़वानी पड़ी. इतना ही नहीं कोतवाल पर इतना दवाब डाला कि बीम ना टूटने तक अनूप पटेल और उनके चाचा को कोतवाली में ही बैठाए रखा गया.

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अनूप पटेल से आप खुद सुनिए उनकी आपबीती- 

4 जून की रात के 11 बजे से 1 बजे के बीच बबेरू का बीजपी विधायक चंद्रपाल हमारे गांव पारा-परास तहसील बबेरू में बन रहे मकान की बीम तुड़वा देता है। बबेरू कोतवाल रामआसरे सिंह पर दबाव डालता है कि जब तक बीम नहीं टूटती मेरे परिवार के लोगो को लॉक-अप में बंद करे।  7 जून को विधायक से जब मिलता हूँ तो कहता है कि मैंने उनका आदेश नही माना है।

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मै कहता हूँ कि जब कोई भी लिखित प्रपत्र/आदेश नही मिला है तो आपके द्वारा फोन के माध्यम से आए आदेश को क्यो मानूं।विधायक अपनी बातों में फंस जाता है। विधायक को 40 मिनट तक जनप्रतिनिधि होने का अहसास दिलाता हूँ। विधायक को उसकी गलती से रूबरू करवाता हूँ। यह कह के विधायक के आवास से निकलता हूँ कि जो तुमने अपने ठसक में मानसिक/आर्थिक नुकसान पहुचाया है. उसकी एक-एक पाई हिसाब देना होगा।

अपने ही प्लॉट पर स्टे लेने को मजबूर हुआ- 

मुझे खुद अपने ही प्लाट पर स्टे लेने पर मजबूर किया जाता है. 9 जून को जब मेरे वकील बबेरू SDM सीएल सोनकर से स्टे पर साइन करवाने के लिये जाते हैं तो उस पर एसडीएम साइन नही करते। मेरा वकील SDM के चैम्बर से बाहर चला जाता है। मुझे कुछ सीनियर्स से जानकारी हुई थी कि SDM दलित विमर्श में रुचि रखते हैं।

चलते-चलते यही कहा था कि अन्याय मत करियेगा, नही तो लड़ाई लंबी हो जाएगी। उसी दिन दोपहर को बबेरू SDM, बबेरू कोतवाल और पैमाइश के लिये कानूनगो और लेखपाल सहित आते हैं। पैमाइश में हमारा प्लाट में एक इंच की भी गड़बड़ी नही निकलती है।

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जो बीम तुड़वाई कोतवाली में रखा उसका क्या- 

जब SDM और कोतवाल गांव से जाने लगे तो मैंने कहा कि सर! ये जो अन्याय हुआ है, नुकसान हुआ है इसको कौन भरेगा? दो बार और कहने पर SDM ने कहा कि वो लेखपाल थोड़े हैं। पहले की छोड़ो और अब अच्छे से मकान बनवाओ।
कोतवाल से यही बात मैंने कही तो कोतवाल ने उस जगह जमा लोगो के बीच ये स्वीकार किया कि उनके ऊपर विधायक चंद्रपाल कुशवाहा का बहुत दबाव था कि किसी भी तरह से बीम टूटे।

प्रशासन को पता था हम सही हैं फिर भी विधायक के दवाब में झुके- 

प्रशासन की नजर में हमारी कोई गलती नही है तो विधायक ने जबरदस्ती हुकुम क्यों थोपना चाहा। सीधी बात है हमारे परिवार का जो मानसिक-आर्थिक नुकसान हुआ है उसका जिम्मेदार बबेरू विधायक है।

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नेशनल जनमत के माध्यम से यूपी के CM श्री योगी आदित्यनाथ जी को बताना चाहता हूँ कि ऐसे भाजपा जनप्रतिनिधि पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें और जो हमें जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करवाएं.

अब अनूप पटेल ने एक संदेश फिर लिखा है फेसबुक पर संघर्ष जारी रहेगा-

बबेरू SDM सीएल सोनकर का ट्रांसफर हो गया है। हमारे परिवार के खिलाफ साजिश रचने वाले में से एक शख्स से हिसाब बाकी है वो है बबेरू विधायक चंद्रपाल कुशवाहा।

सच को दबाने की बहुत कोशिश की इन दोनों ने, लेकिन दोनों ने मुंह भर माटी खायी है।

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