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अनुज पटेल की पीट पीटकर हत्या, आरोपी ब्राह्मणों की गिरफ्तारी ना होने से कुर्मी समाज में उबाल !

इलाहाबाद। नेशनल जनमत ब्यूरो

बुदौना नारेपार गांव निवासी किसान रामजनक पटेल के 25 वर्षीय पुत्र अनुज पटेल की 19 मई की रात सोरांव हाइवे पर हत्या कर दी गई. इस मामले में बवाल के बाद ब्राह्मण समाज के छह लोगों पर हत्या का केस भी दर्ज हुआ. आक्रोशित लोगों ने गिरफ्तारी के लिए हाईवे पर जाम भी लगाया. सत्ता में शामिल अपना दल के विधायक आरके वर्मा मौके पर भी पहुंचे. लेकिन हुआ वही जो सरकार चाहती है, लाख विरोध के बाद भी आरोपी पुलिस के सामने सीना ताने घूम रहे हैं.

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चुनावी रंजिश में की गई हत्या-

अनुज के परिवार वालों का आरोप है कि अनुज ने जगत तिवारी के खिलाफ प्रधानी का चुनाव लड़ा था तभी से जगत का परिवार उसके बेटे से रंजिश मानता था. इसी लिए उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई है. घटनाक्रम के अनुसार अनुज 19 मई को अपने दो मित्रों के साथ बाइक पर जा रहा था, तभी जगत तिवारी, उसके दो बेटे रामजी तिवारी, महेश तिवारी, गांव के ही लालता प्रसाद तिवारी, श्यामजी तिवारी, पंकज तिवारी ने उन तीनों को रोककर लाठी-डंडों से पीटा.जिसमें उसके दोनों दोस्त भी जख्मी हो गए. पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जिसमें अनुज पटेल की मौत हो गई. परिजनों ने छह लोगों पर केस दर्ज कराया है. लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई.

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अपना दल के विधायक की भी नहीं सुनी गई- 

आक्रोशित गांव के लोगों ने लखनऊ हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया. उनकी मांग गिरफ्तारी, मुआवजा और शस्त्र लाइसेंस की थी. विश्वनाथगंज के अपना दल विधायक डॉ.आरके वर्मा और एसपी गंगापार मुन्नालाल ने परिवार के लोगों से बात की औरआश्वासन देकर चक्काजाम खत्म करा दिया लेकिन अभी तक हुआ कुछ नहीं.

पांच जून को थी अनुज की सगाई-

अनुज की पांच जून को सगाई होनी थी. उसकी होने वाली पत्नी भी दोपहर में कौड़िहार पहुंची और शव देखकर बेसुध हो गई। अनुज की मां सीता देवी समेत परिवार और रिश्ते के लोग विरोधियों को कोसते हुए उन्हें कड़ी सजा   देने की मांग कर रहे हैं.

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पूरे प्रदेश में कुर्मी समाज में बढ़ रहा है उबाल-

आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने के विरोध में धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के कुर्मी समाज में आक्रोश बढ़ रहा है. समाज के लोगों का आरोप है कि आरोपी सत्तापक्ष से जुड़े हैं इसलिए उनकी बात सुनी नहीं जा रही. जब वोट लेने की बात थी तो हिस्सेदारी की बात करते थे अब केवल जाति विशेष की सुनी जा रही है.अगर आरोपियों की गिरफ्तारी ना हुई तो पूरे प्रदेश में सरकार के विरोध में आंदोलन छेड़ा जाएगा.

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