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BJP के भीतर से ही विरोध के स्वर, यशवंत सिन्हा के बाद अरुण शौरी बोले, नोटबंदी-GST भ्रष्टाचार की योजना

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

पीएम नरेन्द्र मोदी के अबूझ फैसलों को लेकर ना सिर्फ विपक्ष बल्कि पार्टी के भीतर से भी विरोध के स्वर सुनाई पड़ने लगे हैं। पिछले हफ्ते ही पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार को आर्थिक मोर्चों पर फेल बताते हुए जमकर निशाने साधा था. अब एक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने मोदी सरकार पर हमला बोला है.

अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे अरुण शौरी ने सरकार को आर्थिक मुद्दों पर कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने तो यहां तक आरोप लगाया है कि केंद्र में ढाई लोगों की सरकार है जो किसी की बात नहीं सुनते.

एक निजी चैनल से बातचीत में अरुण शौरी ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर सरकार खुले स्वरों में आलोचना की और आरोप लगाया कि ढाई लोग मिलकर सरकार चला रहे हैं, जो किसी की बात नहीं सुनते.

शौरी ने कहा, ‘मौजूदा संकट की वजह आर्थिक नहीं है, इसकी वजह है सरकार का ढांचा. ढाई लोगों की सरकार है, न उनमें विशेषज्ञ हैं, न वे किसी विशेषज्ञ की बात सुनते हैं. इसका नतीजा होता है आधा अधूरा जीएसटी. जीएसटी नेटवर्क का ट्रायल रन तक नहीं हुआ.’

अटल सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके शौरी ने कहा, ‘इंफोसिस को आखिरी समय डिटेल दी गई और उन्होंने कहा कि हमें ट्रायल करने दो लेकिन समय नहीं दिया गया. उस पर सारी चीजें अपलोड ही नहीं कर सकते. जीएसटी को इतना कॉम्प्लेक्स बना दिया है कि सालाना आपको 36 फार्म भरने हैं.

जीएसटी की डिजायन में पूरी तरह से समस्या है. इनको तीन महीने में सात बार नियम बदलने पड़े. एक बार नियम बदलता है तो पूरा सॉफ्टवेयर बदलना पड़ता है.’

नोटबंदी के बारे में सवाल पूछने पर अरुण शौरी ने कहा, ‘कहीं भी दुनिया में कभी इतनी बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम नहीं आई, जितनी ये हमारी नोटबंदी थी. सारा ब्लैक मनी सरकार ने व्हाइट कर दिया. जिस जिस के पास कालाधन था, सब सफेद हो गया. ऐसा चमत्कार तो कोई भी ट्रेडर या दलाल भी नहीं कर पाए क्योंकि सरकार ने कर दिया.

भाजपा और केंद्र सरकार में किसी के लिए कोई जगह न होने के यशवंत सिन्हा के आरोप को सही ठहराते हुए शौरी ने कहा कि ‘यह बिल्कुल सही बात है.’ उन्होंने एक बहुत सीनियर सांसद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने कुछ पूछना चाहा तो उनको बहुत जोर से चुप करा दिया गया. इससे सबको संदेश मिल गया कि आओ, सुनो और चुप होकर बाहर जाओ.

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