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आश्रम में रहने वाले भक्तों को नपुंसक क्यों बना देते थे रेपिस्ट राम रहीम और आशाराम !

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

रेप केस में दोषी ठहराए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की काली करतूतें दिन ब दिन सामने आ रही हैं। तमाम सारे आरोपों के बाद गुरमीत राम रहीम पर अपने आश्रम में रहने वाले साधुओं को नपुंसक बनाने का इल्जाम भी लग गया है।

सच्चा डेरा सौदा प्रमुख राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने 2007 में एक चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि राम रहीम आश्रम में सिर्फ महिलाओं का यौन शोषण ही नहीं करता है बल्कि वहां साधुओं को नुपुंसक बनाया जाता है।

बाबा राम रहीम के आश्रम में साधु रहे हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि 2000 से 2005 के दौरान 400 से अधिक साधुओं के नपुंसक बनाया गया।

खट्टा सिंह के मुताबिक, डेरा प्रमुख के इशारों पर डेरा अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम साधुओं को नपुंसक बनाती है। ड्राइवर ने 166 साधुओं के नाम का खुलासा किया। उन्होंने आगे कहा, साधु बाबा प्रार्थना के बाद उसे नशे के कैप्सूल देता था। उसके बाद उसके साथ क्या सुलूक किया जाता यह उसे भी पता नहीं होता था।

फतेहाबाद के टोहाना के रहने वाले हंसराज चौहान की याचिका में यह भी कहा गया था कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आरोपी निर्मल और कुलदीप भी बाबा राम रहीम के नपुंसक साधु हैं।

यौन उत्पीड़न मामले में जेल में बंद आसाराम पर भी नपुशंक बनाए जाने का आरोप हैं। आसाराम के एक पूर्व सेवादार शिवनाथ ने आरोप लगाया था कि आसाराम अपनी दावाओं से सेवादारों को नपुंसक बनाते हैं। शिवनाथ का कहना था कि नपुंसक बनाने की दवा आसाराम जड़ी बूटी के जरिए बनाते थे।

बाबाओं द्वारा अपने आश्रम के साधुओं को नपुंसक बनाए जाने पर विशेषज्ञयों का कहना है, बाबा अपने भक्तों को गुलाम बनाए रखने के मकसद से नपुंसक बनाते हैं, ताकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से उसका गुलाम बना रहे। नपुंसक बनाने के पीछे का कारण यह भी कि इनसान की सारी ख्वाहिशें खत्म कर दी जाएं जिससे वह अपने घर परिवार को छोड़कर बाबाओं का गुलाम बना रहे।

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