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बच्चों की मौत के दो दिन बाद गोरखपुर पहुंचे धार्मिक CM, बोले मुझसे संवेदनशील कोई नहीं

नई दिल्ली/ गोरखपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो 

गाय-गंगा, धर्म-अधर्म, पाप-पुण्य, मंदिर-मस्जिद के फेर में फंसे धार्मिक सीएम घटना के दो दिन गोरखपुर पहुंचने की हिम्मत जुटा पाए वो भी तब जब गोरखपुर उनका गढ़ माना जाता है। इसके बाद भी बेशर्मी का आलम देखिए गोरखपुर पहुंचे सीएम पत्रकारों से बोले मुझसे अधिक संवेदनशील कोई नहीं है।

गोरखपुर के बीआरडी सरकारी हॉस्पिटल में पांच दिनों के भीतर 68 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। यह सिलसिला आज भी जारी है। तेज दिमागी बुखार से आज भी एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर पहुंच गए हैं। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अस्पताल पहुंचे हैं।

इस दौरान मीडिया द्वारा सवाल करने पर सीएम कहा कि मुझसे अधिक संवेदनशील कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भी इस घटना से चिंतित हैं और उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि पीएम ने ही मेरे साथ स्वास्थ्य मंत्री को गोरखपुर भेजा है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक 4 बार BRD अस्पताल आ चुका हूं।

योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि मैं 9 अगस्त को भी BRD अस्पताल आया था। मैं 1996-97 से इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं। उन बच्चों के लिए मुझसे ज्यादा संवेदनशील कोई नहीं हो सकता। मैं इंसेफेलाइटिस के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ा। योगी ने कहा कि चीफ सेकेट्री की अध्यक्षता में जांच हो रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।

गौरतलब है कि घटना के बाद सीएम ने कहा था कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की वजह से नहीं बल्कि गंदगी और बीमारियों की वजह से हुई है। मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता को भुगतान में विलंब के लिए कॉलेज के प्रिसिंपल को दोषी ठहराते हुए कहा कि 9 अगस्त को गोरखपुर प्रवास के दौरान उन्होंने इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनिया, स्वाइन फ्लू और कालाजार जैसे मुददों पर अधिकारियों से बातचीत की थी और उनसे पूछा था कि उनकी आवश्यकता क्या है और क्या उन्हें किसी तरह की कोई समस्या है लेकिन आक्सीजन आपूर्ति से जुड़ा मुद्दा उनके संज्ञान में नहीं लाया गया।

उन्होंने कहा, बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल भी मौजूद थे। मैंने पूछा कि कोई मुद्दा हो या समस्या हो तो बताएं, लेकिन वहां ऑक्सीजन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया। हम लोगों की जानकारी में नहीं लाया गया। इससे पहले यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने कहा था कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है।

आपको बता दें कि पिछले 20 सालों से योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बच्चों के मौत की घटना ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने की वजह से हुई थी। अस्पताल पर 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के बाद ठेकेदार ने सप्लाई देने से हाथ खड़े कर दिए थे। इस वजह से अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई थी।

इस मुद्दे पर अभी तक पीएम मोदी का कोई बयान नहीं आया है, न ही घटना को लेकर उन्होंने कोई ट्वीट किया है।

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