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पढ़िये ‘चालाक ब्राह्मण’ तिलक ने कब कहा “गैर ब्राह्मणों को अँग्रेजी शिक्षा देना हिंदुत्व के खिलाफ है”

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

जन्म से श्रेष्ठ लोगों ने जो लिख दिया जैसा बता दिया हम बचपन से उसे वैसा ही देखते चले आ रहे हैं. बाल गंगाधार तिलक को भी हम स्कूल के समय से लोकमान्य बुलाते आए हैं. लेकिन उनकी खुद की लिखी हुई किताब बताती है कि तिलक घोर जातिवाद को बढ़ावा देने वाले इंसान थे. आजकल वरिष्ठ पत्रकार सत्येन्द्र पीएस अपनी फेसबुक वॉल पर बाल गंगाधर तिलक की परतें खोल रहे हैं आप भी पढ़िए तिलक के गैर ब्राह्मण को अँग्रेजी शिक्षा देने को लेकर क्या विचार थे–

जातीय प्रतिबंध लागू करने की अपील –

बाल गंगाधर तिलक ने 1884 में पहली बार हिंदुइज्म से अलग हिंदुत्व की परिकल्पना पेश की। उन्होंने बार बार ब्रिटिश सरकार से अपील की कि धार्मिक तटस्थता की नीति त्यागकर जातीय प्रतिबंधों को कठोरता से लागू करे।
जब ब्रिटिश सरकार ने उनके आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने देशी राजाओं का रुख किया। उन्होंने कोल्हापुर के युवा महाराज दीत्रपति  कि वह हिंदुत्व पर गर्व को लेकर गम्भीरता से काम करे और वर्णाश्रम धर्मको कड़ाई से लागू करें.

गैर ब्राह्मण को अँग्रेजी शिक्षा देकर हिंदुत्व नष्ट किया जा रहा है-

1887 में उन्होंने कहा कि हिन्दू और मुस्लिम दो अलग अलग राष्ट्रीयता हैं। उन्होंने हिन्दू धर्म शब्द का इस्तेमाल अन्य धर्मों से तुलना करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गैर ब्राह्मणों को अंग्रेजी शिक्षा देकर हिंदुत्व को नष्ट किया जा रहा है।

10 मई 1887 को केसरी अखबार में माडर्न एनिमिज आफ हिंदुत्व नामक लेख में उन्होंने कहा,
” पूना में गर्ल्स हाई स्कूल में इंग्लिश, मैथमेटिक्स, साइंस पढ़ाया जा रहा है। यह हिंदुत्व की आत्मा के खिलाफ है। ”

बी डी सावरकर ने अपनी किताब ‘ हू इज ए हिन्दू ? मे हिंदुत्व ‘ शब्द का इस्तेमाल किया और इस किताब में हिदुत्व की व्याख्या इन्ही अर्थों में की।

जाति व्यवस्था की रक्षा करना हिंदुत्व है-

तिलक ने साफ़ व्याख्या की कि जाति व्यवस्था की रक्षा करना और महिलाओं और गैर ब्राह्मणो को अंग्रेजी शिक्षा दिए जाने का विरोध करना हिंदुत्व है। जाति व्यवस्था की आलोचना करना, महिलाओं और गैर ब्राह्मणों को अंग्रेजी शिक्षा मुहैया कराना ” अन नैशनल टेंडेंसी और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है, यह हिन्दू राष्ट्र के खिलाफ है।

#राष्ट्रवाद p 281, 282

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