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चल रहा मौतों का खेल, मारे जा रहे बेगुनाह पटेल….शायर मुज़म्मिल अय्यूब की झकझोर देने वाली नज़्म

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

इलाहाबाद में ब्राह्मण समाज के आरोपियों द्वारा अनुज पटेल की पीट पीटकर हत्या, फतेहपुर में फार्मासिस्ट दिलीप पटेल की गोली मारकर हत्या, झांसी में पीतांबर पटेल के साथ घर में घुसकर ठाकुर समाज के लागों द्वारा की गई मारपीट, प्रतापगढ़ में अपना दल की ब्लाक प्रमुख कंचन पटेल को मंत्री मोती सिंह की धमकी, रायबरेली में सुमित पटेल की हत्या के बाद पीड़ितों को ही जेल में ठूंस देने की घटना और अब प्रतापगढ़ में अपना दल नेता के बेटे सूरज पटेल की हत्या से पूरे प्रदेश के कुर्मी समाज में सरकार के प्रति बढ़ता असंतोष उबाल में तब्दील हो गया है।

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सोशल मीडिया पर सूरज पटेल के मरने की खबर के वायरल होते ही पूरे प्रदेश में कुर्मी समेत पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने 8वीं के छात्र के हत्याकांड की निंदा करते हुए सरकार को कटघर में खड़ा कर दिया।

पिछड़े तबके से आने वाले कुर्मी समाज के इसी दर्द को अपना सांझा दर्द मानते हुए पेशे से पत्रकार दिल से शायर मुज़म्मिल अय्यूब ने सरदार पटेल के वंशजों को ललकारते हुए, खून खौल देने वाली ये नज्म लिखी है-

शायर मुज़म्मिल अय्यूब

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कब तलक होंगे ज़ुल्म…

बेबसों को तुम कब तक मारोगे
कब तलक मेरे घरौंदों को उजाड़ोगे
ज़ुल्म से तेरे तो दुनिया डरती है
ज़मी पर चिड़िया भी नहीं उतरती है
नहीं रहा अब इंसानियत का मेल

चल रहा है मौतों का खेल
मारे जा रहे बेगुनाह पटेल

देख के लाशों को सरदार भी रोए होंगे
कितनी मांओं ने अपने बेटे खोए होंगे
खून से सनी लाशों पर यारों
मुल्क के मालिक कैसे सोए होंगे
पूछ रही है मां, कब होगी कातिलों को जेल

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चल रहा है मौतों का खेल
मारे जा रहे बेगुनाह पटेल

घर से निकलने में डर लगता है
ज़िन्दा, इंसा भी मुर्दा लगता है
हम ही उनके निशाने पर रहते हैं
जो खुद को मेरा हमदर्द कहते हैं
लग रही है अब लाशों की सेल

चल रहा है मौतों का खेल
मारे जा रहे बेगुनाह पटेल

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याद करो तुम सरदार का कानून
हवा को भी था उस दौर में सुकून
पटेल के रहते सब थे महफूज़
ना बहता था सड़कों पर मज़लूमों का खून
इस दौर के हाकिम तुम हो गए फेल

चल रहा है मौतों का खेल
मारे जा रहे बेगुनाह पटेल

मरी देह का ये सवाल है
तेरी रियासत का ये हाल है
अब लहू की बूंद भी बर्बाद नहीं होएगी
मुल्क की अब कोई मां नहीं रोएगी
इस तानाशाही पर भर दो सारी जेल

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चल रहा है मौतों का खेल
मारे जा रहे बेगुनाह पटेल

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