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कौन है दबंगों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने वाली भीम आर्मी का सेनापति ?

सहारनपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो

सहारनपुर में जातिगत दम्भ और जातिगत स्वाभिमान के बीच सीधी जंग जारी है। इस हिंसा और जंग में 25 दलितों के घर फूँक दिये गये और एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रशासन की नाकामी के बीच जलते सहारनपुर में एक संगठन दलित स्वाभिमान का प्रतीक बनकर उभरा है, वो है भीम सेना भारत एकता मिशन।

आखिर है क्या बला भीम आर्मी-

पिछले 2 साल से वजूद में आया यह संगठन अब दलित क्रांति की मिसाल बन गया है। भीम आर्मी’ का संस्थापक दलित चिंतक सतीश कुमार को बताया जाता है, जो छुटमलपुर गांव के रहने वाले हैं. बताया जाता है कि सतीश कुमार पिछले 10 साल से किसी संगठन को बनाने की फ़िराक में थे, जो दलितों का उत्पीड़न करने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे सके. मगर उन्हें कोई ऐसा क़ाबिल दलित युवा नहीं मिल रहा था, जो जोश और होश के साथ इसकी कमान संभाल सके.

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संघर्ष से निकले चंद्रशेखर ने संभाली कमान-

सहारनपुर के एएचपी कॉलेज में राजपूतों का दबदबा था. यहां चंद्रशेखर आज़ाद पढ़ने आए. भीम आर्मी के लोग बताते हैं यहां दलित छात्रों की सीट अलग थी. पानी पीने का नल अलग. चंद्रशेखर ने विरोध किया ठाकुरों के सामने झुकने से इंकार कर दिया. रोज़-रोज़ मारपीट होने लगी. स्कूली छात्र सड़कों पर टकराने लगें. धीरे धीरे कॉलेज से राजपूतों का वर्चस्व ख़त्म हो गया. सतीश कुमार को नेता मिला और ‘भीम आर्मी’ की कमान चंद्रशेखर को दे दी गई.

बढ़ रही है ‘भीम आर्मी’ की ताक़त-

‘भीम आर्मी’ के पदाधिकारियों की मानें तो उनके पास लगभग 10 हज़ार कार्यकर्ता हैं,

जो समाज में जनजागरण अभियान चला रहे हैं. ‘भीम आर्मी’ का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और उत्तराखण्ड तक भी पहुंच रहा है.

बढ़ती ताकत से प्रशासन के रडार पर ‘भीम आर्मी’-

सहारनपुर की घटना में जिस तरह से पुलिस प्रशासन ने भीम आर्मी कॊ हिंसा का एकतरफा ज़िम्मेदार बता दिया है। उससे इतना तो तय है की ‘भीम आर्मी’ को अब मुश्किल वक़्त देखना पड़ेगा. संगठन के नेताओ के विरुद्ध मुक़दमे लिखे जा रहे हैं और पुलिस इनकी गिरफ्तारी और संघटन की कमर तोड़ने का प्रयास कर रही है.

यहां ये बात भी ध्यान रखने की है कि ‘भीम आर्मी’ का असल मक़सद सहारनपुर का माहौल ख़राब करना नहीं है, बल्कि वो इंसाफ़ चाहते हैं. शब्बीरपुर में बर्बाद लोगों के लिए मुआवज़ा चाहते हैं और चाहते हैं कि जिन राजपूतों ने दलितों को अपना निशाना बनाया, उनकी गिरफ़्तारी हो.

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