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कांवड़ यात्रा में लगे आरक्षण विरोधी पोस्टर, नाराज कांवड़िये बोले भाड़ में गई तुम्हारी यात्रा

नई दिल्ली/ भोपाल। नेशनल जनमत ब्यूरो।

जबसे पीएम मोदी की सरकार केन्द्र में बनी है तभी से आरक्षण पर बड़ी ही खामोशी से हमले शुरू हो गए हैं। सरकार निजीकरण के माध्य़म से आरक्षण खत्म करती जा रही है। सरकार की मानसिकता को भांपकर हालत ये है कि अब धार्मिक यात्रा के पोस्टरों पर भी आरक्षण विरोधी नारे लिखे जा रहे हैं। धार्मिक कार्यों के बीच में आरक्षण विरोधी नारे लिखने से दलित और पिछड़ी जाति के लोगों में खासी नाराजगी है।

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मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है । यहां कांवड यात्रा के बैनर पोस्टर पर आरक्षण हटाओ, देश बचाओ के संदेश छापे जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से छपे इस पोस्टर पर लिखा है कि आरक्षण हटाओ देश बचाओ। इस पोस्टर के सोशल मीडिया पर आते ही आरक्षित वर्ग के लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी नाराजगी जताई है।

भाड़ में गई ऐसी कांवड़ यात्रा- 

इस पोस्टर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर एक बार फिर आरक्षण समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस भी हो रही है। यादव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने आरक्षण विरोधी पोस्टर पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अगर मनुवादी लोग धार्मिक यात्राओं का इस्तेमाल आरक्षण का विरोध करने के लिए कर रहे हैं तो ‘भाड़ में गई ऐसी कांवड़ यात्रा। मनुवादी लोग अकेले ही कावड़ यात्रा कर लें’।

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किसान आंदोलन से घिरी सरकार पिछड़ो को मनाने में लगी है-

गौरतलब है कि व्यापम घोटाले और किसान आंदोलन समेत दर्जनों मामले में पहले ही बदनाम हो चुकी शिवराज चौहान की सरकार मध्य प्रदेश में दलितों – पिछड़ों को मनाने में जुटी है। लेकिन राजधानी में इस तरह के आरक्षण विरोधी पोस्टर सामने आने से शिवराज चौहान द्वारा दलितों- पिछड़ों को साधने की कोशिशों को झटका लग सकता है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछड़ी जातियों को सिर्फ 14 फीसदी आरक्षण है और यहां पिछड़ी जाति के लोग शिवराज चौहान पर पिछड़ी जाति का आरक्षण बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।

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पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने पर चली गई थी उमा भारती की कुर्सी

वर्तमान केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती जब मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री हुआ करती थीं उस समय पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था। इसीके बाद जातिवादी भाजपाईयों ने उमा भारती को म.प्र. से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था।

शिवराज खुद को पिछड़ा कहते हैं- 

मध्य प्रदेश में शिवराज चौहान की सरकार है। शिवराज चौहान खुद को पिछड़ी जाति का नेता कहते हैं। फिर भी उनकी सरकार में आरक्षण विरोधी पोस्टर धार्मिक यात्रा के दौरान लगाए जा रहे हैं।

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कांवड़ में जाने वाले 95 प्रतिशत दलित-पिछड़े होते हैं- 

एक आंकडे के अनुसार कांवड़ा यात्रा करने वाले 95 फीसदी दलित और पिछड़ी जाति के होते हैं, आरक्षण का लाभ भी दलित और पिछड़ी जाति के लोगों को ही मिलता है। ऐसे में मध्य प्रदेश के दलित और पिछड़ी जाति के लोगों में गुस्सा है कि यदि आरक्षण का विरोध करेंगे, तो वह कांवड यात्रा बंद कर देंगे।

भोपाल की राज कुमारी बताती हैं कि मैं दो बार कांवड यात्रा बेटे के साथ कर चुकी हूं, लेकिन इस तरह के पोस्टर लगाए जाएंगे तो हम यात्रा करना बंद कर देंगे। वहीं एमपी नगर के शिव शंकर कहते हैं कि कांवड़ यात्रा हिन्दुओं के लिए कह कर आरक्षण हटाने की मुहिम चला रहे हैं। इससे तो अच्छा है कि आरक्षण दो कांवड यात्रा अपने पास रखो।

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