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BHU में डॉ. अंबेडकर सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित, वक्ताओं ने आरक्षित वर्ग से किया संघर्ष का आह्वान

नई दिल्ली/वाराणसी। नेशनल जनमत ब्यूरो 

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में अनुसूचित जाति, जनजाति छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति के बैनर तले डॉ. अंबेडकर सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें निबंध, पोस्टर, चित्रकारी व भाषण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय के ध्येय से वंचित वर्ग के छात्रों को अपने अधिकार व इतिहास जानने के लिए किया गया आदि। प्रमुख वक्ताओं ने ‘अपने अधिकारों को जानो’ विषय पर अपने अपने विचार व्यक्त किये प्रोफेसर लालचंद प्रसाद ने BHU में अपने संघर्ष को सांझा किया।

इसके साथ ही पुराने समय व वर्तमान समय के BHU में सामाजिक न्याय व प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार ने बहुजन आंदोलन के इतिहास, संघर्ष की परंपरा, वर्तमान प्रतिनिधित्व की स्थिति को बाबासाहेब अम्बेडकर व कांशीराम साहेब के संघर्षों के माध्यम से बताने की कोशिश की।

प्रो. अहिरवार ने पिछड़े वर्ग के आरक्षण की स्थिति, काका कालेलकर व मंडल कमीशन के आधार पर समझाने की कोशिश की। रामायण पटेल ने आरक्षित वर्ग के युवाओं को वर्तमान परिस्थितियों में संघर्ष के तरीके बताए। उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया कि संघर्ष की जो परंपरा है हमारी उसको आगे ले जाने के लिए आपसी मतभेद व बैनर बाजी से बच कर एक साथ आये।

नरेश राम ने गौरी लंकेश के ऊपर लिखित गीत सुना कर इस घटना पर प्रतिरोध दर्ज कराया। वक्ताओं में प्रभात महान, राकेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन पीके सहगल ने किया व विषय प्रवेश रविन्द्र भारती ने कराया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजय कुमार, अनिल कुमार, वरुण भाष्कर, मारुति यादव आदि लोगो ने सहभागिता की।

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