You are here

BHU के शिक्षक मयंक पाठक पर LAW स्टूडेंट सौम्या सचान ने लगाए गंभीर आरोप, बोली मुझे जान का खतरा

वाराणसी/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय के छात्र-छात्राएं लगातार इस बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं कि कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में कैम्पस जातिवाद का अड्डा बनकर रह गया है।

विभिन्न विभागों में आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं से भेदभाव के मामलों के बीच हिन्दी विभाग के प्रोफेसर कुमार पंकज पर शिक्षिका डॉ. शोभना नर्लिकर को जातिसूचक गालियां देकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी अभी चर्चा में है। अब एक छात्रा के आरोप में बीएचयू की साख पर बट्टा लगाने का काम  किया है।

दरअसल बीएचयू में विधि संकाय की छात्रा सौम्या सचान की कॉपी गायब करने का मामला सामने आया है। आरोप विधि संकाय के शिक्षक मंयक पाठक पर हैं। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक मयंक पाठक कई कारणों से उससे नाराज था इसलिए उसे फेल करने की नीयत से उत्तर काटने के साथ ही उसके नंबर भी काट दिए गए हैं। छात्रा का कहना है कि उसे मानसिक प्रताड़ना भी दी गई, डराया-धमकाया भी गया।

रोहित वेमुला कांड को ना दोहराया जाए- 

इससे आजिज छात्रा ने कुलपति को पत्र लिखकर कहा है कि बीएचयू में रोहित वेमुला कांड को न दोहराया जाए। पत्र में न्याय की गुहार लगाते हुए छात्रा ने मांग किया है कि इस मामले की फोरेंसिक व हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के साथ ही उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराई जाए। छात्रा ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है ताकि भविष्य में किसी दूसरे छात्र-छात्राओं के साथ ऐसी घटना नहीं होने पाए।

प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। बता दें कि छात्रा ने पिछले सत्र में एलएलबी अंतिम वर्ष की परीक्षा दी है जिसका परिणाम आना अभी बाकी है। सूत्र बताते हैं कि शिक्षक मयंक पाठक विश्वविद्यालय के एक बड़े अधिकारी का खास है। छात्रा ने कहा है कि उसे कैंपस व कैंपस के बाहर जान का खतरा है। अनहोनी की स्थिति में उक्त शिक्षक व प्रशासन जिम्मेदार होगा।

होनहार छात्रा है सौम्या सचान-  

छात्रा सौम्या सचान ने अपने पत्र में लिखा है कि इस घटनाक्रम ने उसे झकझोर दिया है। ऐसी स्थिति में कोई भी विद्यार्थी अस्वाभाविक कदम उठाने को मजबूर हो सकता है। सौम्या ने एलएलएम में दाखिले के लिए हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय की परीक्षाएं क्वालीफाई की हैं।

सौम्या ने बीएचयू से ही एलएलबी (2013-17) किया। कुलपति को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि उसने एलएलएम तो निकाल लिया है, लेकिन बीएचयू में एलएलबी परीक्षा की उत्तर पुस्तिका गायब कर दी गई है। पहले पन्ने के उत्तर को काटकर पीटीओ लिख दिया गया।

जब दूसरे शिक्षक ने जांची तो उसने कम नंबर दे दिया। साथ ही उसकी बी कॉपी भी गायब कर दी गई। जब उसने संकाय के अधिकारियों से बात की तो सभी ने कॉपी दिखाने में आनाकानी की। पुनर्मूल्यांकन की मांग पर भी हीलाहवाली की गई।

दवाब बनाने का आरोप- 

सौम्या ने आरोप लगाया कि उस पर दबाव बनाया गया कि वह लिखकर दे कि उसकी गलती से ऐसा हुआ है तभी वह पुनर्मूल्यांकन कराएंगे। सौम्या ने कहा कि जब मैंने गलती ही नहीं की तो लिखकर क्यों दूं। छात्रा के विरोध करने पर कमेटी भी बनाई गई, लेकिन कमेटी ने नंबर देने से मना कर दिया। प्रलोभन दिया गया कि वह फिर से परीक्षा दे सकती है।

पिता बोले, कहां गई कापी- 

छात्रा के पिता प्रो. सीपी सचान का कहना है कि ”इस मामले को दबाने के लिए बेटी पर दबाव डाला जा रहा है। कॉपी गायब की गई और उपस्थिति को अनुपस्थिति कर दिया गया। कई बार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई गई, लेकिन वे आनाकानी कर रहे हैं। सबसे पहले इसका जवाब चाहिए कि आखिरकार कॉपी कहां गई। दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो इसकी शिकायत राष्ट्रपति से भी करेंगे।”

वहीं आरोपी शिक्षक मयंक पाठक का कहना है कि ”छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप, कॉपी गायब करने या नंबर काटने के बारे में मुझे कुछ जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है भी तो इसकी जिम्मेदारी डीन व कंट्रोलर की है। वैसे बच्चे तो आरोप लगाते ही रहते है, इसलिए उस पर ध्यान देना उचित नहीं है।”

देखिए बीएचयू का जातिवादी खेल- 

BHU में OBC-SC-ST के आरक्षण को चालाकी से खत्म करने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम खुला खत

दलित शिक्षिका को जान से मारने की धमकी देने वाले प्रो. पंकज की गिरफ्तारी के लिए BHU में प्रदर्शन

बीएचयू में दलित शिक्षिका को गालियां देकर औकात में रहने की धमकी देने वाले प्रो. कुमार पंकज पर एफआईआर दर्ज

बीएचयू कुलपति प्रोफेसर त्रिपाठी के राज्य में खत्म हुए ओबीसी-एससी-एसटी के पद, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

Related posts

Share
Share