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चुनाव के लिए ‘राष्ट्रवादियों’ ने बदल दिया भारत माता का रूप, अब त्रिपुरा में अलग रूप में दिखेंगी

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

एक आम धारणा बन चुकी है कि बीजेपी की मोदी-शाह जोड़ी चुनावी समीकरण के जोड़-तोड़ के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। मंच के सामने इकट्ठा भीड़ के हिसाब से नारे, महापुरुषों के जयकारे और नेताओं के कपड़े तक बदल जाते हैं।

अब खबर ये है कि अगले साल त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी भारत माता का ही नया चित्रण कर रही है, इस नए रूप में भारत माता राज्य की पारंपरिक पोशाक पहने दिखाई देंगी।

अभी तक साड़ी में पहने थीं भारत माता- 

हर किसी ने अभी तक भारत माता को साड़ी पहने, मुकुट लगाए, हाथों में तिरंगा झंडा पकड़े ही देखा होगा। जाहिर सी बात है आज तक जहां भी भारत माता का चित्रण हुआ है, इसी तरह से किया गया है, लेकिन अब त्रिपुरा में बीजेपी भारत माता का रूप बदलने की तैयारी में है।

त्रिपुरा के चार प्रमुख आदिवासी समुदाय जैसी पोशाक पहनते हैं, ठीक उसी तरह की पोशाक पहने भारत माता को भी दिखाया जाएगा।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बीजेपी नॉर्थ-ईस्ट के सभी आदिवासी समुदायों के लिए भारत माता के रूप बदलने की तैयारी में है।

त्रिपुरा के बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर का कहना है, ‘इस क्षेत्र का आदिवासी समुदाय सालों से खुद को देश से अलग महसूस करता आया है, इसलिए इसे खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

यहां की जनता भी भारत का हिस्सा है और भारत माता उनके लिए भी हैं। हर आदिवासी समुदाय की अपनी संस्कृति और अपनी पोशाक होती है, हम उन सभी का आदर करते हैं।’

कांग्रेस का आरोप, महज चुनावी स्टंट- 

इस बारे में कांग्रेस नेता तरुण पटेल का आरोप है कि ये महज एक चुनावी स्टंट हैं। बीजेपी मंचों के हिसाब से अपने नारे और महापुरुष बदल लेते हैं। चुनाव जीतने के जोड़-तोड़ के लिए ये मोदी-शाह की जोड़ी कुछ भी कर सकती है।

त्रिपुरा की कुल जनसंख्या का 77.8 फीसदी हिस्सा चार प्रमुख आदिवासी समुदायों का है। देबबर्मा, त्रिपुरी / त्रिपुरा, रियांग और चाकमा ये चार आदिवासी समुदाय राज्य के प्रमुख समुदाय हैं। इन चारों समुदायों को भारत माता के नए चित्रण में दर्शाने की कोशिश की गई है।

पार्टी नेताओं ने बताया कि 20 की उम्र के आसपास की उन महिलाओं ने जो बीजेपी से जुड़ी हुई हैं या पार्टी को सपोर्ट करती हैं, उन्होंने भारत माता के नए चित्रण के लिए अपनी पारंपरिक पोशाक पहनीं और फिर उनकी तस्वीरें ली गईं।

देवधर का कहना है, ‘अंत में भारत माता का जो चित्रण तैयार किया जाएगा उसमें नॉर्थ-ईस्ट के सभी 300 आदिवासी समुदायों की परंपरा और संस्कृति की झलक होगी।’

उन्होंने कहा, ‘अधिकतर बीजेपी के कार्यक्रमों में हम भारत माता, पार्टी संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय और श्याम प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरें रखते हैं, लेकिन अब हम इन तस्वीरों के साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों में भारत माता के नए रूप की तस्वीर भी रखेंगे।’

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