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लालू यादव के इलाज पर बीजेपी ने उठाए थे सवाल,अब गृहमंत्री के बेटे की शादी में सरकारी डॉक्टर तैनात

नई दिल्ली/ रायपुर: नेशनल जनमत ब्यूरो

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के लिये उनके बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के आदेश पर सरकारी डॉक्टरों की घर पर की गई तैनाती ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थी. खुद बीजेपी ने इस मामले पर खूब बवाल  किया था. लेकिन अब बीजेपी के ही गृहमंत्री के बेटे की शादी समारोह के लिए सरकारी आदेश पर डॉक्टरों को तैनाती का मामला सामने आया है.

छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकारा के बेटे की शादी 18 जून को हो गई है. इसमें मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी हुए आदेश में उस पत्र में रायपुर का हवाला दिया गया है जिसे गृहमंत्री रामसेवक पैकरा के विशेष सचिव ने सीएमओ रायपुर को भेजकर डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाए जाने की बात कही गई है.

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विशेष सचिव ने जारी किया आदेश- 

विशेष सचिव की ओर से 14 जून 2017 को पत्र भेजा गया था, जिसके आधार पर सीएमओ ने डॉक्टर्स की तैनाती का आदेश निकाला है जिसके मुताबिक पैकारा के बेटे लवकेश पैकरा की शादी वैवाहिक वीआईपी रोड स्थित सिल्वर स्प्रिंग रिसॉर्ट में रविवार यानी 18 जून को हो गई है. जिसके लिये डॉक्टर, नर्स सहित 5 लोगों की मेडिकल टीम तैनात रहेगी.

कुछ दिन पहले ही दिया था रेप पर विवादित बयान- 

पैकरा अपने बेतुके बयान को लेकर भी कुछ दिन पहले चर्चा में थे. छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती बलात्कार की घटनाओं को लेकर राज्य के गृहमंत्री राम सेवक पैकरा ने बयान दिया था कि बलात्कार की घटनाएं जानबूझकर नहीं होती है, बल्कि धोखे से हो जाती हैं. पैकरा ने कहा कि राज्य में बलात्कार की घटना को लेकर राज्य सरकार चिंतित है तथा पुलिस अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई के लिए कहा है, जिससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. पैकरा के इस बयान पर काफी हो हल्ला मचा था.

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कुछ इस तरह था बिहार में डॉक्टरों की तैनाती का मामला- 

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव के घर पर IGIMS डॉक्टरों की तैनाती के मामले ने जमकर मीडिया में सुर्खियां बटोरी थीं. मामला सामने आने के तुरंत बाद डॉक्टरों को वहां से हटा दिया गया था. बड़ा सवाल यही रहा कि वह बीमार शख्स है कौन, जिसके लिए आदेश पारित कर स्वास्थ्य मंत्री के घर डॉक्टरों की टीम तैनात की गई थी. उधर, IGIMS के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ पीके सिन्हा ने कहा था कोई भी वहां स्थायी तौर पर तैनात नहीं था, सबुह- शाम की शिफ्ट में तैनात थे.

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