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प्रतापगढ़: जमीन विवाद में BJP नेता आनंद भूषण सिंह ने वकील अजय पटेल के घर पर बोला हमला, फायरिंग

नई दिल्ली/प्रतापगढ़। नेशनल जनमत ब्यूरो

सत्ता पक्ष से जुड़ा नेता हो उसमें भी सीएम आदित्यनाथ का बिरादर हो तो स्वाभाविक है इस सरकार में उसका हौसला तो बुलंद होगा ही। अखिलेश सरकार को जातिवादी और गुडों की सरकार कहने वाली बीजेपी ने सरकार बनते ही उससे भी ज्यादा गुंडई का खेल शुरू कर दिया है।

हालिया मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का है। पत्थरबाजी करने और मारपीट के आरोप इस बार बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह पर हैं।

प्रतापगढ़ में इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार दोपहर भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी आंनद भूषण सिंह ने अधिवक्ता अजय सिंह पटेल के घर पर अपने साथियों के साथ गालीगलौच  करते हुए पथराव कर दिया, जिससे बवाल हो गया।

इसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ। जिससे सड़क किनारे खड़ी बस के शीशे टूट गए। बवाल के दौरान ही फायरिंग होने लगी। जिसके बाद हाईवे पर भगदड़ मच गई। राजस्वकर्मी जान बचाकर भाग निकले। खबर मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामला संभाला।

किसी और के मामले में कूदे पूर्व एमलसी- 

करनपुर करमचंदा गांव निवासी अधिवक्ता अजय सिंह पटेल और सरायसागर निवासी शिवाकांत शुक्ल के बीच जमीन पर कब्जे को लेकर साल 2003 से विवाद चला आ रहा है। शिवाकांत ने तीन जनवरी 17 को विवादित जमीन का एग्रीमेंट पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह बब्बू राजा, कुंवर अमर सिंह उर्फ विकास निवासी अजीतनगर, शैलेंद्र सिंह निवासी सरायजमुआरी को कर दिया।

इस बीच शिवाकांत ने जमीन का बंटवारा करने के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इस पर एसडीएम ने राजस्व विभाग की टीम को रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे भेजा। उनके साथ बब्बू राजा, विकास, शैलेंद्र अपने साथियों के साथ पहुंच गए। अजय पटेल ने नायब तहसीलदार राजकपूर को कोर्ट का स्थगनादेश दिखाया जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम बैकफुट पर आ गई और लौट गई।

मामले की जानकारी एसडीएम  को दी गई। एसडीएम सदर ने दोनों पक्षों को अपने पास बुलाया। अजय का आरोप है कि तभी पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचे।

राजस्वकर्मियों के सामने ही बवाल- 

वे जबरन पैमाइश करने के लिए दबाव बनाने लगे। अचानक बीजेपी नेता ने जेसीबी बुला। जेसीबी से दीवार गिराने तो अजय के परिवार वालों ने विरोध किया। अजय का आरोप है कि उसके व परिवार के लोगों के साथ हाथापाई की गई। जिसके बाद वो घर के अंदर चले गए और गेट बंद कर लिया। देखते ही देखते अजय पटेल के घर पर  ईंट पत्थर चलने लगे। इस बीच लाइसेंसी असलहे से फायरिंग भी की गई इससे हाईवे पर भगदड़ मच गई।

फोटो- अधिवक्ता अजय पटेल की छत पर ईंट पत्थर

पथराव से एक बस की शीशा टूट गया। राजस्वकर्मी जान बचाकर भाग निकले। घटना की खबर मिलने पर प्रभारी कोतवाल दलबल के साथ भागकर मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने पर बवाली भाग निकले। उधर पूर्व एमएलसी के करीबी विकास सिंह ने प्रभारी कोतवाल से बताया कि शिवाकांत से पूर्व एमएलसी बब्बू राजा, अमर सिंह निवासी अजीत नगर व शैलेंद्र सिंह निवासी सरायजमुआरी ने जनवरी में एग्रीमेंट कराया है।

उसकी की पैमाइश के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने राजस्वकर्मियों की टीम पैमाइश के लिए गठित की थी।

पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मौके से हटाया। हालांकि उस समय राजस्वकर्मी कोई नहीं था। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि शहर में जुलूस निकला था। जिसकी सुरक्षा में फोर्स लगी थी। बिना पुलिस बल के ही पैमाइश के लिए राजस्वकर्मी गए थे। दोनों पक्षों ने कोई तहरीर नहीं दी है।

विवादित जमीन क्यों खरीदी बीजेपी नेता ने-

हाईवे के किनारे स्थित जिस जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है, उसकी कहानी बड़ी लंबी है। इंटर कालेज मानधाता में प्रवक्ता विजय पटेल, अधिवक्ता अजय पटेल, बृजेश पटेल केदारनाथ पटेल के बेटे हैं। विजय का कहना है कि जिस मकान में वह रह रहे हैं, वह उनकी पुश्तैनी जमीन पर बना हैं। मकान के पीछे वर्ष 1967 में उनके पिता ने लगभग पांच बिस्वा जमीन का बैनामा लिया था, जिसमें उनका हाता बना है।

उसी से सटी जमीन का बैनामा वर्ष 1979 में शिवाकांत शुक्ला ने कराया था। आरोप है कि नक्शा दुरुस्तीकरण के दौरान शिवाकांत ने उनकी पुश्तैनी जमीन को अपनी जमीन में मिला लिया। कोर्ट में वाद दायर करने पर जमीन की पूर्व की स्थिति बहाल हो गई। इसके बाद वर्ष 2003 में जमीन को लेकर शिवाकांत बनाम केदारनाथ पटेल वाद दायर हुआ। जिस पर कोर्ट ने स्थगनादेश दे रखा है।

जनवरी में जब शिवाकांत ने बब्बू राजा आदि को विवादित जमीन का एग्रीमेंट किया तो उस पर अजय की ओर से वाद दायर किया गया। बब्बू राजा का कहना है कि वह तो यह कह रहे हैं कि जमीन की पैमाइश करा ली जाए, जिसका जो हिस्सा हो वह उस पर काबिज हो जाए। वह तहसील में एसडीएम के पास इंतजार करते रहे, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग नहीं आए। वह पैमाइश नहीं कराना चाहते हैं।

सीसीटीवी में कैद है घटनाक्रम

प्रतापगढ़ : अधिवक्ता विजय के घर के बाहर तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जो घर के बाहर होने वाली पूरी गतिविधि को कैद करते हैं। रविवार को दोपहर में जो कुछ हुआ, वह भी उन कैमरों में कैद है। हालांकि पुलिस को उसकी जांच करने का मौका नहीं मिला।

(प्रतापगढ़ से सूरज वर्मा की रिपोर्ट )

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