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BJP विधायक कमलेश शुक्ला के साथ मकान कब्जा करने पहुंचे थे महुआ चैनल के मालिक, थाने पहुंच गए

गाजीपुर/नई दिल्ली। नेशनल जनमत 

भारतीय जनता पार्टी के विधायक कमलेश शुक्ला पर मकान कब्जा करने को लेकर मारपीट का आरोप है वो भी दूसरे जिले में जाकर। महुआ चैनल के मालिक पीके किवारी के साथ पहुंचे गाजीपुर पहुंचे विधायक के लोगों ने तोड़फोड़ और मकान को कब्जा करने की कोशिश की। इसके बाद बवाल हो गया।

गाजीपुर शहर के महुआबाग स्थित एक मकान को लेकर महुआ के मालिक पीके तिवारी और प्रमुख व्यवसायी रिंकू अग्रवाल के बीच विवाद चल रहा है। रिंकू ने आरोप लगाया कि विधायक के गनर ने असलहा निकालकर लोगों को धमकाने की कोशिश की इसके बाद माहौल बिगड़ गया। हमारे लोगों को पीटा गया .इसमें एक कर्मचारी घायल है। मौके पर पहुंची पुलिस बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को थाने लेकर आई।

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रामपुर कारखाना खास से विधायक हैं कमलेश शुक्ला- 

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महुआ चैनल के मालिक और शहर के प्रमुख व्यवसायी के बीच चल रहे मकान के विवाद में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। चैनल मालिक पीके तिवारी अपने पक्ष में रामपुर देवरिया के भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला के साथ महुआबाग के मकान पर पहुंचे थे। व्यापारी रिंकू अग्रवाल का दावा है कि मकान का एग्रीमेंट किया जा चुका है,  इसके बाद भी विधायक ने मकान का ताला तुड़वा दिया और अंदर घुस गए. इसके बाद जब हम लोग पहुंचे तो विधायक के लोगों ने हमारे साथ मारपीट की. इससे हमारा एक कर्मचारी संदीप कुमार घायल हो गया।

बवाल व मारपीट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर मकान के कई दरवाजे व खिड़कियां और समान टूटे मिले। विधायक के गनर पर हाथापाईं और कारबाइन से मारने का आरोप दूसरे पक्ष की ओर से लगाया गया है। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले गई। रात तक दोनों पक्षों में बातचीत चल रही थी।

क्या है मामला, रिंकू अग्रवाल का आरोप- 

व्यापारी रिंकू अग्रवाल का कहना है कि वो पीके तिवारी के बेटे सौऱभ तिवारी से मकान का एग्रीमेंट कर चुके हैं। उसके एवज में 15 लाख 35 हजार रुपये का स्टांप शुल्क भी वह जमा कर चुके हैं। इसके अलावा तिवारी बंधुओं के मैनेजर अरुण मिश्र ने 15 लाख रुपया अलग से लिया है। मकान पीके तिवारी के भाई विजय शंकर तिवारी के नाम है जिसमें पीके तिवारी का भी हिस्सा बनता है।

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रिंकू ने कहा कि जब से उसने मकान पर कब्जा लिया है उसके बाद से तिवारी बंधुओं की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने सिविल कोर्ट में मकान पर मालिकाना हक जताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है।

बुधवार को मुकदमे की सुनवाई के दिन पीके तिवारी, विजय शंकर तिवारी, भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला तथा उनके गनर सहित पांच गाड़ियों पर लोग आए और जबरिया मकान का ताला तोड़कर उस पर कब्जा जमा लिया। उनका कर्मचारी संजीव कुमार आपत्ति करने मौके पर पहुंचा तो उन लोगों ने उसे मारापीटा ।

पीके तिवारी पक्ष का कहना है- 

पीके तिवारी का कहना था कि मकान मेरे भाई विजय शंकर तिवारी के नाम है। पिछले साल 22 अगस्त को मकान के कैंपस का डेढ़ बिस्वा भूखंड उन्होंने अपनी पत्नी को बेचा है। नगर पालिका में उसका दाखिल-खारिज भी हो चुका है।

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जहां तक मेरे बेटे सौरभ की ओर से रिंकू अग्रवाल के पक्ष में मकान का एग्रीमेंट करने की बात है तो सौरभ को इसका कोई अधिकार नहीं है। न ही मैंने उसे कोई पावर ऑफ एटार्नी ही दी है। लिहाजा सौरभ से एग्रीमेंट की बात सरासर गलत है।

भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला ने बताया कि मैं तो अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए आया था। जैसे ही मकान में घुसा व्यवसायी पक्ष के लोग हो-हल्ला करते हुए हाथापाई करने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए।

पुलिस का पक्ष- 

विधायक ने मुझसे और डीएम से मिलकर प्रकरण की जानकारी दी थी। इसके बाद उन लोगों ने उक्त मकान पर जाकर विवाद कर लिया। किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। कोतवाली में दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। – सोमेन वर्मा, एसपी

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