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भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी के बेटे ने दलित बच्चे को जिंदा दफनाया, केस दर्ज

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

उत्तर प्रदेश में जबसे सीएम योगी की अगुआई में भाजपा की सरकार बनी हैं, दलितों के खिलाफ अपराध बढ़ता ही जा रहा है। सहारनपुर में दलितों के खिलाफ हुई जातीय हिंसा में जिस तरह से योगी सरकार की पुलिस ने भूमिका निभाई,उससे साफ है कि योगी सरकार दलितों के प्रति संवेदनशील नहीं है।

ऐसा ही एक मामला प्रदेश के बहराइच जिले के भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी के बेटे का भी है। खबरों के मुताबिक बहराइच इलाके में दो दलित बच्चों को जिंदा दफनाने के मामले में बीजेपी विधायक के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी का बेटा निशंक देता था अवैध खनन करने वालों को प्रश्रय

जिले के बोंदिल इलाके में घाघरा नदी के पास दो बच्चों के शवों को बरामद किया गया। हत्या का आरोप बीजेपी विधायक सुभाष त्रिपाठी के पुत्र निशंक त्रिपाठी पर है। निशंक पर रेत के अवैध खनन में शामिल लोगों को आश्रय देने का भी आरोप है। निशंक, स्थानीय खनन पर्यवेक्षक मनोज शुक्ला और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

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बच्चे रेत के नीचे दबे पाए गए

करण (10) और निसार (11) बुधवार को नदी के नजदीक अपने खेतों से अचानक गायब हो गए थे, जब देर शाम तक वे वापस नहीं आए तो उनके परिवार के सदस्यों ने खोज शुरु की। पुलिस के मुताबिक करन का शव नदी के पास पाया गया था जबकि निसार अगली सुबह नदी के किनारे पर एक पोखर में मृत पाए गए, जो कि रेत खनन स्थल के करीब है।

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ग्रामीणों ने अवैध खनन करने वालों को रोका तो मिली जान से मारने की धमकियां

बहराइच के एसपी सुनील सक्सेना के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। मामले की जांच हो रही है। करन के पिता चेतराम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके बेटे को रेत के नीचे जीवित दफना दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी प्रतिबंधित क्षेत्रों में रेत खोदने में शामिल हैं। चेतराम ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने इस तरह की अवैध गतिविधियों का विरोध किया था और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही थी। गुरुवार को बोंदी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

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