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कुपोषण, बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर BJP विधायकों ने सुषमा स्वराज और अपनी सरकार को सदन में घेरा

भोपाल/नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

कहते हैं कि कभी-कभी सच्चाई जुबान से निकलकर सामने आ ही जाती है। विकास के नाम पर पूरे देश में ढिंढोरा पीटने वाली मोदी सरकार की विदेश मंत्री के संसदीय क्षेत्र में कुपोषण का मामला पार्टी के विधायकों ने ही उठाया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर सहित सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों ने प्रदेश में बच्चों के कुपोषण का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को मंगलवार को सदन में घेरा.

इसके साथ ही भाजपा विधायकों ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति को लेकर भी अपनी सरकार पर सवाल उठाए.

कांग्रेस के विधायक निशंक कुमार जैन ने मंगलवार को शून्यकाल के दौरान प्रदेश में बच्चों के कुपोषण का मामला उठाते हुए कहा कि विशेषकर विदिशा जिले में स्थिति बहुत ही गंभीर है.

जब कांग्रेस विधायक इस मामले में सरकार को सदन में घेर रहे थे, तभी गौर ने कुपोषित बच्चों की संख्या में इज़ाफ़े को लेकर सवाल पूछा. इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी चर्चा में शामिल होते हुए कहा विदिशा जिले में कुपोषण की स्थिति बहुत ही भयंकर हो गई है, जबकि यह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का लोकसभा क्षेत्र है.

पूर्व सीएम को महिला विकास मंत्री का जवाब- 

भाजपा के वरिष्ठ नेता गौर द्वारा भी यह मुद्दा उठाए जाने पर तल्ख लहजे में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने गौर को जवाब दिया कि प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या में गौर के मुख्यमंत्रित्व काल (वर्ष 2005) की तुलना में 28.7 फीसद कमी आई है.

सदन के बाहर गौर ने कहा, मंत्री चिटनिस ने सदन में तल्ख लहजे में जवाब दिया. गौर ने कहा कि गरीबी इस हद तक पहुंच गई है कि कुपोषित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी मूल वजह यह है कि माताओं को पोषित आहार नहीं मिल रहा है।

वे कमजोर हैं और बच्चे भी कुपोषित हैं. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. इस वर्ष मात्र छह माह में कुपोषित बच्चों की संख्या 27866 हो गई है. यह स्थिति चिंताजनक है.

इससे पहले सदन में भाजपा के कैलाश चावला, ओमप्रकाश सकलेचा, सतपाल सिंह सिकरवार, नारायण सिंह कुशवाह, अमर सिंह यादव, योगेन्द्र निर्मल और पारुल साहू ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति के खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए उर्जा मंत्री पारस जैन से इस समस्या को हल करने की मांग की.

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